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सुंदरता का बाजार बढ़ा, लॉरियाल में भी लग गए चार चांद

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Last Updated- December 05, 2022 | 5:00 PM IST

भारतीय सुंदरता के तो सभी दीवाने हैं, लेकिन इस सुंदरता में चार चांद लगाने का काम कर रहे हैं, कॉस्मेटिक उत्पाद।


 देशी बाजार को खूबसूरती के नए पैमाने और उत्पाद देने में फ्रांस की कंपनी लॉरियाल का भी बड़ा हाथ है।यह बात दीगर है कि कंपनी की काररोबारी खूबसूरती में भी भारत चार चांद लगा रहा है।


लॉरियाल ने 2007 में 600 करोड़ रुपये की बिक्री के साथ 40 प्रतिशत वृध्दि दर्ज की है। तकरीबन 13 साल पहले भारत में जब लॉरियाल इंडिया ने कदम रखा था, तो उसकी बाजार हिस्सेदारी बहुत कम थी। लेकिन पुणे में अपना उत्पादन संयंत्र लगाने के बाद लॉरियाल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।


भारतीय कॉस्मेटिक बाजार में आज उसकी हिस्सेदारी काफी बढ़ गई है, लेकिन कई उत्पाद वह आज भी फ्रांस से ही मंगाती है।भारत में लॉरियाल का सफर भी आसान नहीं रहा। तमाम कानूनी पचड़ों के कारण अकेले बाजार में आना उसके लिए संभव नहीं था। इसलिए लॉरियाल ने भारतीय एमजे  समूह के साथ साझा उपक्रम बनाया। उसके शुरुआती उत्पाद अल्ट्रा डू ब्रांड के तहत आए। इस ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ने से लॉरियाल को सहायक कंपनी खोलने का मौका भी मिल गया।


लॉरियाल की इस सफलता से जुड़ी सभी चीजों में विज्ञापन, प्रचार-प्रसार ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। दुनियाभर में लॉरियाल अपनी कुल बिक्री का 30.7 प्रतिशत विज्ञापन और व्यापार संवर्धन और 3 प्रतिशत शोध और विकास कार्यों में खर्च करती है। भारत में लॉरियाल मीडिया पर सबसे अधिक खर्च करने वाली कॉस्मेटिक कंपनियों मं पांचवें नंबर पर है। लॉरियाल इंडिया के मुय कार्यकारी दिनेश दयाल भी मीडिया की भूमिका को बेहद अहम मानते हैं।


वह कहते हैं, ‘हमने भारतीय उपभोक्ता को आकर्षित करने के लिए वैश्विक और क्षेत्रीय विज्ञापन के तरीकों के मिश्रण का इस्तेमाल किया है।’ भारत में कंपनी का विज्ञापन का काम मैकैन एरिक्सन कंपनी संभालती है।


दयाल का कहना है, ‘शुरुआत में हम भारत में विस्तार की संभावनाओं से परिचित नहीं थे, लेकिन अब हमारा अनुमान सही साबित हुआ है। भारतीयों ग्राहकों के बारे में हमारा मानना था कि वे कीमतों को ले कर बेहद सजग होते हैं, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हमारा ब्रांड यहां के एक औसत रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं (एफएमसीजी) से काफी महंगा था, बावजूद उसके यहां हमें बाजार उपलब्ध हुआ, क्योंकि हम उनके पैसों की सही कीमत उन्हें देते हैं।’


पिछले साल लॉरियाल ने बाजार में ‘लैनकॉम’ शृंखला के तहत अपने प्रीमियम उत्पाद पेश किए।  कंपनी ने अपनी इस शृंखला के साथ ही अपने लिए एक ओर प्रीमियम श्रेणी का बाजार तैयार कर लिया। हालांकि कंपनी इस श्रेणी में व्यवस्थित रिटेल आउटलेट की कमी झेल रही है।


दयाल का कहना है, ‘हमें उच्च श्रेणी के उत्पादों सीमित विस्तार के साथ ताल-मेल बिठाना होगा। हमें उमीद है कि भारतीय परंपरागत दवाखानों की स्थिति में सुधार की उमीद है, जहां हम अपने उत्पाद बेच सकेंगे।’


लॉरियाल भारत में अपने चार मुय उत्पाद शृंखला, उपभोक्ता उत्पाद, पेशेवर महिलाओं के उत्पाद, देर तक टिके रहने वाले कॉस्मेटिक उत्पाद और लजरी उत्पाद के तहत काम करती है। भारत में कंपनी की कुल आय में सबसे बड़ा हिस्सा उपभोक्ता उत्पादों का है, जिसमें से गार्नियर ब्रांड की बिक्री सबसे अधिक है।हेयर कलर में, गार्नियर मध्यम कीमतों और लक्जरी श्रेणी में दबदबा कायम किए हुए है।

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First Published - March 25, 2008 | 12:13 AM IST

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