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एमफैसिस: चिंता, पर बुनियाद मजबूत

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Last Updated- December 12, 2022 | 10:37 AM IST

बेंगलूरु की आईटी सेवा कंपनी एमफैसिस का शेयर पिछले 3 महीनों के दौरान मामूली लाभ के साथ कारोबार कर रहा था जबकि इस दौरान निफ्टी आईटी सूचकांक में 18 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि जुलाई से सितंबर की अवधि के दौरान उसका दमदार प्रदर्शन एक कारण हो सकता है लेकिन एमफैसिस के डीएक्ससी कारोबार को लेकर चिंताओं और निजी इक्विटी कंपनी ब्लैकस्टोन द्वारा हिस्सेदारी बिक्री संबंधी चर्चाओं ने कंपनी के दमदार फंडामेंटल्स के बावजूद निवेशकों को दूर रखा।
एमफैसिस अमेरिका की आईटी सेवा एवं समाधान कंपनी डीएक्ससी टेक्नोलॉजी के लिए एक उपठेकेदार/सहयोगी कंपनी है जिसने अपने कारोबार पर दबाव महसूस करते हुए पुनर्गठन की ओर रुख किया है। परिणामस्वरूप एमफैसिस ने सितंबर 2020 तिमाही में लगातार तीसरी तिमाही के दौरान राजस्व में गिरावट दर्ज की। यह ऐसे समय में हुआ जब एमफैसिस का डीएक्ससी के साथ दीर्घावधि समझौते को सितंबर 2021 में नवीनीकरण किया जाना है।
हालांकि एमफैसिस के राजस्व में उसकी बड़ी हिस्सेदारी (वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में 16 फीसदी) के मद्देनजर चिंताएं उचित लग रही हैं लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उसका नकारात्मक पक्ष सीमित हो सकता है। मुख्य सेवा समझौते की शर्तों के अनुसार, डीएक्ससी ने नवीकरण तक एमफैसिस के लिए 30 करोड़ डॉलर की न्यूनतम राजस्व प्रतिबद्धता पर सहमति व्यक्त की है। विश्लेषकों का कहना है कि इसलिए वह बाद में भी एमफैसिस को कारोबार देना जारी रख सकती है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक सुयोग कुलकर्णी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि उपठेकेदार/ सहयोगी आईटी सेवा परिवेश का एक अहम हिस्सा है, विशेष रूप से ऑनसाइट डिलिवरी व्यवस्था का।’ उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा एमफैसिस करीब एक दशक से डीएक्ससी के ग्राहकों के साथ काम कर रही है जिसे तत्काल बदलना कठिन होगा।’
एमफैसिस के प्रत्यक्ष कारोबार में लगातार आकर्षण और बड़े सौदे हासिल होने एवं दमदार संभावित ऑर्डर से भविष्य की वृद्धि को रफ्तार मिलती दिख रही है। एक्वायरस सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा है, ‘एमफैसिस ने 36 करोड़ डॉलर के प्रत्यक्ष कारोबार के साथ सबसे अधिक तिमाही नए कारोबार टीसीवी (कुल अनुबंध मूल्य) दर्ज किया है। हमारा मानना है कि प्रत्यक्ष कारोबार के तहत हासिल ऑर्डर में सुधार होने से एमफैसिस को डीएक्ससी चैनल में वृद्धि संबंधी दबाव से निपटने में मदद मिलेगी।’ वास्तव में इससे एमफैसिस को पिछली तिमाही में 7 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज करने में मदद मिली और उसने बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया।
ब्लैकस्टोन के बाहर निकलने संबंधी खबरों के स्पष्ट न होने से भी निवेशकों की दिलचस्पी कम हो गई। एमफैसिस की सबसे बड़ी शेयरधारक और ब्लैकस्टोन की स्वामित्व वाली एक इकाई मार्बल2 संभवत: बाहार निकलने की योजना बना रही है। आमतौर पर निवेशक तब तक कोई भी निर्णय लेना (खरीदना या बेचना) पसंद नहीं करते हैं जब तक वे समझौते यानी मूल्यांकन एवं संभावित खरीदार के बारे में समझ न लें।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस बाबत जानकारी के लिए एमफैसिस से संपर्क किया लेकिन कंपनी ने टिप्पणी करने से इनकार किया। मई 2018 में ब्लैकस्टोन ने एबरडीन, टी रोवे प्राइस और ओपनहाइमर को 8 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी।

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First Published - December 23, 2020 | 12:04 AM IST

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