भारत के पहले यूनिकॉर्न जोमैटो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आज खुला और पहले ही दिन जोरदार मांग के साथ उसे कुल पेश शेयरों से अधिक शेयरों की बोली मिल गई। स्टॉक एक्सचेंजों के आंकड़ों के मुताबिक जोमैटो के आईपीओ को 75.6 करोड़ शेयरोंं (5,700 करोड़ रुपये) के लिए बोली मिली जबकि आईपीओ के तहत कुल 71.92 करोड़ शेयर पेश किए गए हैं। आईपीओ शुक्रवार को बंद होगा।
ज्यादातर बोली खुदरा निवेशकों व संस्थागत निवेशकों से मिली। खुदरा श्रेणी में 2.7 गुना बोली मिली, जबकि पात्र संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में 98 फीसदी बोली हासिल हुई। एचएनआई श्रेणी में 13 फीसदी और व कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी में 18 फीसदी बोलियां मिलीं। सामान्य तौर पर किसी आईपीओ में सबसे ज्यादा बोली निर्गम के आखिरी दिन आती हैं।
मंगलवार को जोमैटो ने एंकर निवेशकों को 4,195 करोड़ रुपये के 55.2 करोड़ शेयर आवंटित किए। देसी व विदेशी निवेशक समेत करीब 186 निवेशकों को एंकर बुक के तहत शेयर आवंटित हुए। बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि एंकर बुक में बड़े नाम गोपनीय रखे गए हैं। इसके अलावा युवा निवेशक इस आईपीओ में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि इस ब्रांड से वे खुद को जोड़ रहे हैं। बाजार के विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, ‘खुदरा निवेशकों के आवेदन को देखते हुए यह स्पष्ट है कि कई युवा निवेशकों ने आईपीओ में आवेदन किया है। अगर किसी ऐसी कंपनी का आईपीओ आता है जिसकी आप सेवाएं ले रहे हैं तो आप उससे जुडऩा पसंद करते हैं।’
ब्रोकिंग अधिकारियों ने कहा है कि उद्योग ने युवाओं के लाखों खाते खोले हैं, जिनमें से कई जोमैटो आईपीओ में निवेश करने के इच्छुक हैं। बालिगा जैसे विश्लेषकों ने कहा कि कई लोग वित्तीय स्थिति जाने बिना निवेश कर रहे होंगे। उन्होंंने कहा, ‘अच्छे निवेशक इसमें अंतर करते हैं। जोमैटो हमें अच्छी सेवाएं व छूट देती है, लेकिन मैं एक निवेशक के तौर पर उन्हें हो रहे नुकसान को लेकर चिंतित हूं।’ जोमैटो का नुकसान वित्त वर्ष 18 व 20 के बीच 107 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,386 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि नकदी खर्च करने से कंपनी को अपना राजस्व 466 करोड़ रुपये के मुकाबले पांच गुना बढ़ाकर 2,605 करोड़ रुपये पर पहुंचाने में मदद मिली।
लर्नऐप डॉट कॉम के संस्थापक व सीईओ प्रतीक सिंह ने कहा, ‘कंपनी की बढ़त की योजना अच्छी है लेकिन यह बात वित्तीय स्थिति में भी दिखनी चाहिए। युवा निवेशकों को निवेश से पहले वित्तीय रूप से खुद को शिक्षित करना चाहिए।’जोमैटो का आईपीओ देसी ई-कॉमर्स कंपनी का पहला आईपीओ है, जिसे कसौटी माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि उसके आईपीओ पर प्रतिक्रिया और सूचीबद्धता के बाद प्रदर्शन का अन्य कंपनियों मसलन पेटीएम, नाइका, पॉलिसीबाजार व मोबिक्विक पर असर दिखेगा, जो आईपीओ लाने जा रही हैं।चूंकि जोमैटो सेबी के लाभप्रदता ट्रैक रिकॉर्ड को पूरा नहीं करती, इसलिए खुदरा निवेशकों के लिए महज 10 फीसदी शेयर ही आरक्षित हैं, जबकि लाभ वाली कंपनियों के आईपीओ में इस श्रेणी के लिए 35 फीसदी शेयर आरक्षित होते हैं।
ज्यादातर ब्रोकरेज ने अपने उन्हीं ग्राहकों को इस आईपीओ में आवेदन करने की सलाह दी है, जो जोखिम लेना पसंद करते हैं क्योंकि यह साफ नहीं है कि कंपनी लाभ में कब आएगी। इसका कीमत दायरा 72 से 76 रुपये प्रति शेयर है। जोमैटो 9,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी जबकि 375 करोड़ रुपये के शेयर इन्फो एज बेच रही है। कीमत दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 60,000 करोड़ रुपये होगा।