facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

REC लिमिटेड ने जीरो कूपन बॉन्ड्स के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाए, 7 गुना ओवरसबस्क्रिप्शन

छूट पर जारी REC के बॉन्ड की भारी मांग

Last Updated- September 30, 2024 | 10:35 PM IST
REC

आरईसी लिमिटेड ने सोमवार को सीबीडीटी नोटिफाइड जीरो कूपन बॉन्डों (जेडसीबी) के माध्यम से सालाना 6.25 प्रतिशत प्रभावी यील्ड पर 5,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस इश्यू की जोरदार मांग रही, और 5,000 करोड़ रुपये इश्यू आकार की तुलना में 7 गुना ओवरसबस्क्राइब हुआ।

इस इश्युएंस का आधार इश्यू आकार 1,000 करोड़ रुपये और ग्रीनशू ऑप्शन 4,000 करोड़ रुपये था। कंपनी को 33,670 करोड़ रुपये की बोली मिली है, जो आधार इश्यू से करीब 34 गुना ज्यादा है। जेडसीबी को भारी छूट पर जारी किया गया और अंकित मूल्य पर भुनाया गया।

इससे निवेशकों को कर लाभ मिला क्योंकि भुनाया जाना दीर्घावधि पूंजी लाभ के रूप में वर्गीकृत किया गया है और सीबीडीटी की अधिसूचना के कारण इस पर 12.5 प्रतिशत सालाना दर से कर लिया जाता है। भारी छूट वाले बॉन्ड सामान्यतया अंकित मूल्य के 20 प्रतिशत से ज्यादा छूट पर होते हैं और इस पर नियमित ब्याज भुगतान नहीं होता। जीरो कूपन बॉन्डो की तरह इस ढांचे में भी निवेशकों को फिर से निवेश का जोखिम नहीं होता।

जेएम फाइनैंशियल के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड (इन्वेस्टमेंट ग्रेड ग्रुप) अजय मंगलूनिया ने कहा, ‘पेपर की मांग उम्मीद से बेहतर थी।’उन्होंने कहा कि जीरो कूपन होने के कराण इस बॉन्ड में कोई निवेश संबंधी जोखिम नहीं होता है, दरअसर धन को उसी कूपन में निवेश कर दिया जाता है।

इन बॉन्डों को प्रमुख 4 क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों- केयर, क्रिसिल, इक्रा और आईआरआरपीएल से एएए रेटिंग्स मिली हुई है। रॉकफोर्ट फिनकैप एलएलपी के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर वेंकटकृष्णन श्रीनिवासन ने कहा कि बाजार 6.5 से 6.75 प्रतिशत के आसपास यील्ड की उम्मीद कर रहा था।

First Published - September 30, 2024 | 10:35 PM IST

संबंधित पोस्ट