रियल एस्टेट

Indian office market 2025: भारत में ऑफिस लीजिंग 700 लाख वर्ग फुट पार, अगले साल भी जारी रहेगी मजबूती

2025 में भारत के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार ने मजबूत मांग, रिकॉर्ड लीजिंग और GCC व फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती हिस्सेदारी के दम पर नई ऊंचाइयों को छुआ।

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- December 24, 2025 | 12:17 PM IST
Indian office market 2025: भारत का ऑफिस रियल एस्टेट बाजार 2025 में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। कॉलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार देश के शीर्ष सात शहरों में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस लीजिंग 715 लाख वर्ग फुट रही, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। साल के अंत में मजबूत मांग के कारण तिमाही लीजिंग पहली बार 200 लाख वर्ग फुट के स्तर को पार कर गई।

ऑफिस मार्केट में बेंगलूरु शीर्ष पर

2025 में बेंगलूरु सबसे बड़ा ऑफिस बाजार बना रहा, जहां 221 लाख वर्ग फुट स्पेस लीज पर लिया गया, जो कुल मांग का लगभग एक-तिहाई है।दिल्ली एनसीआर में 42 लाख वर्ग फुट का ग्रेड ए स्पेस लिया गया। कुल लीजिंग में इन दोनों शहरों की हिस्सेदारी 60 फीसदी रही। वहीं दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई और मुंबई में भी 100 से 110 लाख वर्ग फुट के आसपास लीजिंग दर्ज की गई, जिससे मल्टी सिटी विस्तार की प्रवृत्ति मजबूत होती दिखी।

Trends in Grade A gross absorption (in million sq. ft.)

City

Q4 2024

Q4 2025

YoY change

(Q4 2025 vs Q4 2024)

2024

2025

YoY change

Bengaluru

6.6

8.1

23%

21.7

22.1

2%

Chennai

1.9

1.5

-21%

6.8

9.6

41%

Delhi-NCR

2.9

4.2

45%

9.7

11.3

16%

Hyderabad

4.1

3.7

-10%

12.5

10.1

-19%

Kolkata

0.2

0.3

50%

0.8

1.1

38%

Mumbai

2.9

1.5

-48%

10.0

9.5

-5%

Pune

1.3

1.3

0%

5.7

7.8

37%

Pan India

19.9

20.6

4%

67.2

71.5

6%

Source: Colliers

चौथी तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन

साल की चौथी तिमाही  ने रिकॉर्ड प्रदर्शन में निर्णायक भूमिका निभाई। इस दौरान 206 लाख  वर्ग फुट ऑफिस स्पेस लीज हुआ, जो पिछली तिमाही से 20 प्रतिशत अधिक है। अकेले बेंगलूरु में चौथी तिमाही के दौरान 81 लाख वर्ग फुट की अब तक की सबसे ऊंची तिमाही लीजिंग दर्ज की गई।

टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा, फ्लेक्स स्पेस की हिस्सेदारी 18 फीसदी

कुल 585 लाख वर्ग फुट पारंपरिक ऑफिस स्पेस लीजिंग में टेक्नोलॉजी कंपनियों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही। इसके अलावा BFSI, इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग और कंसल्टिंग सेक्टर से भी मजबूत मांग देखने को मिली। फ्लेक्स स्पेस सेगमेंट में भी निरंतर वृद्धि जारी रही। 2025 में 130 लाख वर्ग फुट फ्लेक्स स्पेस लीज किया गया, जो कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग 18 प्रतिशत है। बेंगलूरु और दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पुणे और चेन्नई में भी फ्लेक्स स्पेस को तेज़ी से अपनाया गया। कॉलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च विमल नादर के अनुसार, टियर-II शहरों में फ्लेक्स ऑपरेटर्स के आक्रामक विस्तार के चलते 2026 और आगे ऑफिस मांग का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा फ्लेक्स स्पेस से आ सकता है।

नई आपूर्ति स्थिर, वैकेंसी घटी और किराया मजबूत

2025 में शीर्ष सात शहरों में 565 लाख वर्ग फुट नई ऑफिस आपूर्ति जुड़ी, जो सालाना आधार पर 5 प्रतिशत अधिक है। बेंगलूरु, हैदराबाद और पुणे ने मिलकर करीब 70 प्रतिशत नई आपूर्ति दी। मांग के मुकाबले सीमित नई आपूर्ति के चलते वैकेंसी स्तर 49 बेसिस पॉइंट घटा, जबकि प्रमुख शहरों में औसत किराया 15 प्रतिशत तक बढ़ गया।

GCC लीजिंग बनी सबसे बड़ी ग्रोथ स्टोरी

भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अब बैक-ऑफिस से आगे बढ़कर रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, AI, और क्लाउड कंप्यूटिंग के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। 2025 में GCCs ने करीब 300 लाख वर्ग फुट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस लीज किया, जो कुल मांग का 40 प्रतिशत से अधिक है।कॉलियर्स के अनुसार कुशल टैलेंट की उपलब्धता, नीतिगत समर्थन और रुपये के अवमूल्यन से मिलने वाला लागत लाभ आने वाले वर्षों में भी भारतीय ऑफिस बाजार को मजबूती देता रहेगा।

2026 में भी आएगी मजबूती

कॉलियर्स इंडिया में मैनेजिंग डायरेक्टर (ऑफिस सर्विसेज) अर्पित महरोत्रा कहते हैं कि इस साल ऑफिस मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), टेक्नोलॉजी और BFSI कंपनियों तथा फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स से लगातार बनी मांग और ‘फ्लाइट-टू-क्वालिटी’ रुझान के चलते ऑफिस बाजार का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। 2026 में भी लीजिंग गतिविधियां मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसे प्रमुख शहरों में बढ़ती मांग, फ्लेक्सिबल और मैनेज्ड वर्कस्पेस सॉल्यूशंस को अपनाने की प्रवृत्ति और सस्टेनेबल बिल्डिंग्स में ऊंची रुचि का समर्थन मिलेगा।
First Published : December 24, 2025 | 12:17 PM IST