केंद्र सरकार रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए ऊंचाई संबंधी पाबंदियों में ढील देने और वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए अध्ययन करा रही है। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापू राममोहन नायडू ने रियल एस्टेट संगठन नारेडको द्वारा आयोजित नेशनल अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव-2026 में दी।
मंत्री ने कहा कि सरकार हाउसिंग, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के मौजूदा नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है, ताकि 2047 तक राष्ट्रीय GDP में इस सेक्टर का योगदान दोगुना किया जा सके। उन्होंने बताया कि संरचनात्मक सुधार, बढ़ती पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे के कारण भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है और 2047 तक 5-7 ट्रिलियन डॉलर की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि जमीन की कमी के कारण भविष्य में रियल एस्टेट का क्षैतिज विस्तार सीमित होगा, इसलिए वर्टिकल डेवलपमेंट आवश्यक है। इसके लिए एक एजेंसी विस्तृत अध्ययन कर रही है, जिसकी सिफारिशों के आधार पर नियामकीय ढांचे में बदलाव किए जा सकते हैं।
मंत्री के अनुसार अगले पांच वर्षों में देश में करीब 50 नए एयरपोर्ट जुड़ेंगे और अगले 20 वर्षों में यह संख्या 200 तक पहुंच सकती है। इससे न सिर्फ एविएशन सेक्टर बल्कि रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा। उन्होंने NAREDCO से रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में तैयारी तेज करने का आह्वान किया।
आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने उद्योग को भरोसा दिलाया कि सरकार कंस्ट्रक्शन, हाउसिंग और अफोर्डेबल हाउसिंग को नीति स्तर पर पूरा समर्थन देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए आवास निर्माण पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव में नारेडको के अध्यक्ष प्रवीन जैन ने कहा कि रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का GDP में योगदान दोगुना करने के लिए उद्योग समर्थक नीतियों की जरूरत है। नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि 2047 तक भारत की आधे से अधिक आबादी शहरी हो सकती है और शहरीकरण देश की आर्थिक प्रगति का केंद्र बन जाएगा। नारेडको के इस कार्यक्रम में हरियाणा रियल एस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल के चेयरमैन राजन गुप्ता और दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन एन सरवण कुमार भी मौजूद रहे।