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9 दिन में 3000 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 25,500 पर, अब बाजार किस दिशा में?

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और रिटेल निवेशकों की लीवरेज पोजिशन खुलने से बाजार पर दबाव, विश्लेषकों ने निफ्टी के 25,000 और सेंसेक्स के 82,000 स्तर को बताया अहम सपोर्ट

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रेक्स कैनो   
Last Updated- February 13, 2026 | 2:17 PM IST

Stock Market Outlook: फरवरी का महीना शेयर बाजार के लिए किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं रहा। कभी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई छूता दिखा, तो कभी अचानक आई तेज गिरावट ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं। बड़े फैसलों और वैश्विक घटनाओं के बीच भारतीय शेयर बाजार झूले की तरह ऊपर नीचे होता रहा है, जिससे निवेशकों में असमंजस का माहौल बना हुआ है।

Budget Day पर गिरावट, दो दिन में जोरदार वापसी

BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में इस महीने जबरदस्त उतार चढ़ाव देखा गया। एक फरवरी को बजट के दिन सेंसेक्स 79,899 और निफ्टी 24,572 तक फिसल गया था। उस समय बाजार में निराशा का माहौल था। लेकिन तस्वीर सिर्फ दो दिन में बदल गई। तीन फरवरी को भारत अमेरिका ट्रेड समझौते की खबर के बाद बाजार में जोरदार खरीदारी लौटी और सेंसेक्स 85,872 जबकि निफ्टी 26,341 तक पहुंच गया। निवेशकों को लगा कि तेजी का नया दौर शुरू हो गया है।

लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिन नहीं टिक पाया। अगले नौ कारोबारी सत्रों में फिर बिकवाली हावी हो गई। 13 फरवरी तक सेंसेक्स हालिया उच्च स्तर से तीन हजार से अधिक अंक गिरकर 82,793 तक आ गया। निफ्टी भी करीब 800 अंक टूटकर 25,500 के आसपास पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया।

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Stock Market Outlook: विशेषज्ञों की राय क्या है

Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार का कहना है कि आईटी सेक्टर भारत की कंपनियों के मुनाफे का बड़ा हिस्सा देता है और इसमें तेज बिकवाली से बाजार में घबराहट फैलना स्वाभाविक है। उनके अनुसार अभी घबराकर शेयर बेच देना समझदारी नहीं होगी और निवेशकों को स्थिति साफ होने तक इंतजार करना चाहिए। वहीं Bhambwani Securities के विजय भंबवानी का मानना है कि गिरावट की एक वजह रिटेल निवेशकों द्वारा लीवरेज पोजिशन का खुलना भी है। कई छोटे निवेशकों ने मार्जिन फंडिंग और वायदा विकल्प सेगमेंट में बड़े दांव लगाए थे, और अब कीमतें गिरने से उन पर दबाव बढ़ गया है।

तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी अभी भी 20 दिन और 200 दिन की मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जो कुछ राहत देता है। विश्लेषकों के मुताबिक 25,000 का स्तर निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट है और फिलहाल यह 25,500 से 26,000 की रेंज में घूम सकता है। ऊपर की तरफ 25,800 से 26,000 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जहां हर बार मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

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सेंसेक्स के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस

सेंसेक्स की बात करें तो जनवरी और फरवरी दोनों में लगभग 85,870 के आसपास ऊपरी स्तर बना है। तकनीकी संकेत बताते हैं कि 82,000 से 82,400 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। अगर सेंसेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है तो मध्यम अवधि की तेजी की उम्मीद बनी रह सकती है। लेकिन 84,000 से 84,500 के ऊपर मजबूती से निकलना जरूरी होगा, तभी बाजार में दोबारा भरोसेमंद तेजी लौट सकती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : February 13, 2026 | 2:17 PM IST