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मुनाफावसूली और मजबूत डॉलर का असर, मेटल शेयरों में तेज गिरावट; हिंडाल्को-नाल्को लुढ़के

एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चला है कि वर्ष 2026 में अब तक (12 फरवरी तक) निफ्टी मेटल सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स था, जो इस दौरान लगभग 10 प्रतिशत ऊपर था।

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पुनीत वाधवा   
Last Updated- February 13, 2026 | 11:00 PM IST

शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी मेटल सूचकांक 3.3 फीसदी गिर गया। इस सूचकांक ने 11,841.25 का निचला स्तर छुआ। विश्लेषकों के अनुसार यह गिरावट बाजार में जोखिम से बचने की धारणा के कारण आई। लिहाजा, निफ्टी 50 सूचकांक 1.3 प्रतिशत से अधिक गिर गया। ऐसी ही गिरावट कई वैश्विक बाजारों में भी दर्ज की गई।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्र ने कहा कि निवेशकों ने पिछले कुछ सप्ताहों की तेजी के बाद धातु शेयरों में मुनाफावसूली की। धातु के संबंध में वैश्विक धारणा ने भी दबाव डाला।
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि धातु शेयरों के मामले में चिंता की कोई बात है। इनमें गिरावट कैलेंडर वर्ष 2026 में देखी गई मजबूत तेजी की पृष्ठभूमि में नियमित मुनाफावसूली है। धातु शेयरों में समग्र तेजी का रुख अभी उलटा नहीं है। निवेशक गिरावट में खरीद सकते हैं और होल्ड कर सकते हैं। इनमें से एनएमडीसी, जिंदल स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील अच्छे दिख रहे हैं। लेकिन वे हिंदुस्तान कॉपर से दूर रह सकते हैं। टाटा स्टील में कुछ हद तक ठहराव दिख सकता है।’

एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चला है कि वर्ष 2026 में अब तक (12 फरवरी तक) निफ्टी मेटल सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स था, जो इस दौरान लगभग 10 प्रतिशत ऊपर था। इसकी तुलना में निफ्टी 50 इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार शुक्रवार को धातु शेयरों में गिरावट का एक अन्य कारण मजबूत डॉलर इंडेक्स के बीच हुई मुनाफावसूली थी, क्योंकि रूस के अमेरिकी डॉलर सेटलमेंट सिस्टम में लौटने की खबरों ने संभावित प्रतिबंधों से राहत की उम्मीदों को बढ़ा दिया और धातु कंपनियों की कमजोर प्राप्तियों को लेकर चिंता बढ़ गई।

शुक्रवार को ज्यादा गिरने वाले शेयरों में हिंडाल्को (6.1 प्रतिशत नीचे), नाल्को (5.4 प्रतिशत नीचे), हिंदुस्तान कॉपर (5.2 प्रतिशत नीचे), हिंदुस्तान जिंक (4.9 प्रतिशत नीचे) और वेदांत (4.1 प्रतिशत नीचे) मुख्य रूप से शामिल थे।

इस बीच, कैलेंडर वर्ष 2026 में निफ्टी मेटल सूचकांक में अब तक तेजी मुख्य तौर पर हिंदुस्तान कॉपर की वजह से आई, जो इस दौरान 20 प्रतिशत बढ़ गया। यह शेयर जनवरी 2026 में 745 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। 16 साल पहले जनवरी 2010 में यह करीब 656 रुपये पर गया था। एसीई इक्विटी के अनुसार नाल्को, वेदांत, टाटा स्टील, जिंदल स्टील, सेल और हिंडाल्को वर्ष 2026 में चमकने वाले कुछ अन्य शेयर थे। इन शेयरों में वर्ष 2026 में 19 प्रतिशत तक की तेजी आई।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोक्कालिंगम का मानना है कि एआई से संबंधित घटनाक्रम के कारण सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में तेज गिरावट संपूर्ण बाजार धारणा को रोक सकती है। उनका मानना है कि जिन शेयरों में तेजी आई है, जैसे धातु क्षेत्र, उन्हें भी दबाव का सामना करना पड़ेगा क्योंकि निवेशक जोखिम से बचने लगे हैं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस-प्रेसिडेंट नंदीश शाह ने कहा कि इंडेक्स के नजरिए से निफ्टी-50 ने 20 और 50 दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के अपने महत्त्वपूर्ण समर्थन को तोड़ा है, जिससे तेजी से मंदी की ओर बढ़ते रुझान की पुष्टि होती है।

First Published : February 13, 2026 | 10:41 PM IST