Bangladesh Nationalist Party Chairperson Tarique Rahman (Photo: PTI)
Bangladesh Election Results 2026: बांग्लादेश में आम चुनाव के प्रारंभिक परिणामों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को भारी बढ़त दिखाई दे रही है। पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP देश की अगली सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है। चुनाव के आधिकारिक परिणाम अभी जारी हैं, लेकिन शुरुआती रुझान पार्टी की स्पष्ट बढ़त की ओर इशारा कर रहे हैं।
धाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार सुबह शुरुआती मतगणना में BNP 151 सीटों में आगे चल रही थी। वहीं, प्रारंभिक आंकड़ों से यह भी संकेत मिल रहा है कि जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर सकता है, जिसे लगभग 43 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है।
तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, 9 जनवरी को BNP के नए अध्यक्ष बने थे। उनकी मां के निधन के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का जिम्मा उन्हें सौंपा गया।
BNP के मीडिया सेल ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपने विजय संदेश में कहा कि पार्टी बहुमत वाली सीटों पर जीत के बाद सरकार बनाने जा रही है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में BNP की बढ़त के बाद तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने X पर साझा किए संदेश में लिखा कि “बांग्लादेश के लोग आपके नेतृत्व पर भरोसा जताकर BNP को निर्णायक जीत दिलाई है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा और वे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
बांग्लादेश में यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है, जो राजनीतिक अस्थिरता के महीनों बाद हुआ। यह चुनाव नया संसद गठन करने के लिए और अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बने अंतरिम प्रशासन को बदलने के लिए आयोजित किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को सत्ता से हटने के बाद भारत चली गई थीं। उस समय बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था।
चुनाव के साथ ही देश में 84 बिंदुओं वाले जुलाई नेशनल चार्टर पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी हुआ। यह चार्टर संवैधानिक, चुनावी और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ा व्यापक सुधार कार्यक्रम है।
अवामी लीग सरकार के पतन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव देखा गया। अल्पसंख्यक, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की रिपोर्ट के चलते भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं के कारण बांग्लादेश नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा सीमित कर दिया और ढाका से अपने कूटनीतिक परिवारों को वापस बुलाया।
इसके अलावा, भारत ने बांग्लादेशी निर्यात माल के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्रांसशिपमेंट सुविधा भी समाप्त कर दी। राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों जैसी घटनाओं ने तनाव को और बढ़ाया।
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अवामी लीग पर अंतरिम प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया और पार्टी इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही थी।
मुख्य मुकाबला अब BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच ही सीमित हो गया। तारिक रहमान लंबे प्रवास के बाद लंदन से लौटकर चुनाव अभियान में शामिल हुए। उनके खिलाफ हसीना सरकार के दौरान दर्ज कई मामलों को बाद में वापस ले लिया गया।
BNP ने कई सीटों पर स्थानीय समझौतों के तहत उम्मीदवार खड़े किए। वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने छात्र संगठनों सहित अलग गठबंधन के साथ चुनाव में हिस्सा लिया, जो 2024 के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय थे।