बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया। बीते 28 जनवरी को शुरू हुए सत्र के इस भाग में भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर तीखी बहसें हुईं। भारी हंगामे एवं नियमों के उल्लंघन के आरोपों में विपक्ष के 8 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित भी किया गया।
लोक सभा में शुक्रवार की सुबह विपक्षी सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का भी विरोध किया। लगातार हंगामे और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्य सभा की कार्यवाही निर्धारित प्रश्नकाल के बाद दोपहर 1 बजे रोक दी गई।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार ने लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने पर उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता के खिलाफ इस मुद्दे पर ‘निजी प्रस्ताव’ शुरू करने के लिए नोटिस दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति, नैतिकता समिति को भेजा जाए या सीधे लोक सभा में लाया जाए, इस बारे में अध्यक्ष से सलाह ली जाएगी।
एक्स पर हिंदी में पोस्ट में राहुल गांधी ने वीडियो साझा करते हुए गुरुवार को कहा था, ‘एफआईआर दर्ज हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाए, मैं किसानों के लिए लडूंगा। कोई भी व्यापार समझौता जो किसानों की आजीविका छीनता है या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करता है, वह किसान विरोधी है। हम किसान विरोधी मोदी सरकार को अन्नदाताओं के हितों से समझौता नहीं करने देंगे।’
नेता प्रतिपक्ष ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में देश भर के किसान संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध करने के साथ-साथ किसानों और कृषि मजदूरों की आजीविका की रक्षा के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने पर चर्चा की गई।
बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। इसमें सरकार वित्त विधेयक पारित कराने का प्रयास करेगी। तीन सप्ताह के अवकाश के दौरान स्थायी समितियां केंद्रीय बजट में विभिन्न मंत्रालयों को आवंटित धन की जांच करेंगी।
बजट सत्र के दौरान एक ऐसा अवसर भी आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब नहीं दिया, क्योंकि अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के विरोध को देखते हुए उनसे लोक सभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने नहीं आने का अनुरोध किया था। विपक्ष ने बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश करने का नोटिस भी प्रस्तुत किया। बिरला ने अपने निष्कासन से संबंधित मुद्दा सुलझने तक सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करने का फैसला किया। बिरला को अध्यक्ष के रूप में हटाने का प्रस्ताव 9 मार्च से शुरू होने वाले सत्र के दूसरे भाग में सदन के सामने आने की संभावना है।