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India-Pak T20 मुकाबला तय होते ही विज्ञापन दरें उछलीं, 10 सेकंड स्लॉट 70 लाख तक पहुंचा

इस साल का मुकाबला अब पक्का हो गया है और इसलिए ब्रॉडकास्टर्स को उम्मीद है कि दर्शकों की तादाद अधिक नहीं तो कम से कम उतनी तो होगी ही।

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- February 13, 2026 | 10:43 PM IST

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत के साथ होने वाले प्रमुख मुकाबले का बहिष्कार करने के अपने फैसले को पाकिस्तान द्वारा वापस लिए जाने के कुछ ही दिनों बाद उसका वाणिज्यिक असर दिखने लगा है। दोनों देशों की टीम इस मुकाबले के लिए रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आमने-सामने होगी। इसके साथ ही स्पॉट विज्ञापन दरों में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे यह बात पुख्ता होती है कि क्रिकेट के इस महामुकाबले का आर्थिक पक्ष भी बेजोड़ है।

ब्रॉडकास्टर अब इस रोमांचक टूर्नामेंट के दौरान 10 सेकंड के स्लॉट के लिए करीब 70 लाख रुपये मांग रहे हैं। यह रकम 2024 में इसी मुकाबले के लिए वसूलेग गए लगभग 40 लाख रुपये की सर्वाधिक दर के मुकाबले काफी अधिक है। इससे दर्शकों के बीच भारत-पाकिस्तान मुकाबले के प्रति हमेशा रहने वाले आकर्षण का पता चलता है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टूर्नामेंट के दौरान सबसे व्यस्त समय में 10 सेकंड के स्लॉट की स्पॉट दरें आम तौर पर 20 लाख रुपये के आसपास रही हैं। वैश्विक विज्ञापन जगत में सुपर बाउल के लिए अधिक कोटेशन मिलते हैं जहां प्रसारण समय की कीमत 2.2 से 2.8 करोड़ रुपये के बीच होती है। अगर यह मुकाबला नहीं होता तो जिओस्टार की आय को तगड़ा नुकसान होता। उसके पास टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मीडिया अधिकार हैं। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, इस साल के वर्ल्ड कप से इस नेटवर्क को करीब 2,000 करोड़ रुपये का विज्ञापन राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।

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अगर भारत-पाकिस्तान मुकाबला नहीं होता तो उसे करीब 20 फीसदी तक नुकसान हो सकता था। जहां तक 2024 के टूर्नामेंट की बात है तो विशेषज्ञों के अनुसार, डिज्नी स्टार ने करीब 1,200 करोड़ रुपये का विज्ञापन राजस्व जुटाया था।

मांग में जबरदस्त उछाल के बावजूद विज्ञापन स्लॉट की उपलब्धता सीमित है। रीडिफ्यूजन के चेयरमैन संदीप गोयल ने कहा, ‘क्रिकेट में ज्यादातर स्लॉट की बिक्री पैकेज के रूप में की जाती है। चैनल द्वारा स्पॉट बिक्री, खास तौर पर भारत-पाकिस्तान मैच के लिए मुश्किल से 20-30 फीसदी स्लॉट ही रखा गया होगा। भले ही इससे कमाई अच्छी हो लेकिन इसकी उपलब्धता सीमित है।’

व्यूअरशिप डेटा से विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी के स्तर का पता चलता है। साल 2024 में अकेले भारत-पाकिस्तान मुकाबला भारत में प्लेटफार्मों पर 25.6 करोड़ घंटे देखा गया। डिजिटल पर, ओटीटी और स्ट्रीमिंग सेवाओं पर पीक कॉन्करेंट व्यूअरशिप लगभग 5.3 करोड़ तक पहुंच गई।

इस साल का मुकाबला अब पक्का हो गया है और इसलिए ब्रॉडकास्टर्स को उम्मीद है कि दर्शकों की तादाद अधिक नहीं तो कम से कम उतनी तो होगी ही।

First Published : February 13, 2026 | 10:08 PM IST