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आईटी शेयरों में बिकवाली जारी, निफ्टी आईटी हफ्ते में 8.2% टूटा; सेंसेक्स 1048 अंक लुढ़का

बिकवाली का यह नया दौर गुरुवार को अमेरिका में प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी गिरावट के बाद शुरू हुआ जिसमें नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक गिर गया।

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समी मोडक   
Last Updated- February 13, 2026 | 10:07 PM IST

आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दौर थम नहीं रहा है। निफ्टी आईटी सूचकांक आज कारोबार के दौरान 5.2 फीसदी तक लुढ़क गया था मगर बाद में नुकसान की भरपाई करते हुए 1.44 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ। अंतिम घंटों में थोड़े सुधार के बावजूद इस हफ्ते आईटी सूचकांक 8.2 फीसदी नुकसान में रहा जो 4 अप्रैल, 2025 के बाद इसका सबसे खराब प्रदर्शन है।

आईटी शेयरों में बिकवाली का असर बेंचमार्क सूचकांकों पर भी पड़ा। सेंसेक्स 1,048 अंक टूटकर 82,627 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 336 अंक गिरकर 25,471 पर बंद हुआ। 1 फरवरी के बाद दोनों सूचकांकों में एक दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 7 लाख करोड़ रुपये घटकर 465 लाख करोड़ रुपये रहा।

आईटी सूचकांक की बात करें तो इस साल अभी तक देश की प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। निवेशकों की परिसंपत्ति में यह सबसे तेज गिरावट में से एक है। आईटी शेयरों में तेज गिरावट की मुख्य वजह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में नए विकास से पारंपरिक आईटी कंपनियों की वृद्धि पर पड़ने वाले असर को लेकर बढ़ती चिंता है।

बिकवाली का यह नया दौर गुरुवार को अमेरिका में प्रौद्योगिकी शेयरों में भारी गिरावट के बाद शुरू हुआ जिसमें नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स करीब 2 फीसदी तक गिर गया। स्टार्टअप एंथ्रोपिक के नए एआई टूल से भारत की लगभग 25 लाख करोड़ रुपये के आईटी उद्योग की भविष्य की वृद्धि की संभावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

जेपी मॉर्गन के एक नोट में कहा गया है कि बाजार का एक हिस्सा इससे परेशान है कि भारतीय आईटी कंपनियां आय वृद्धि के लक्ष्य से चूक सकती हैं क्योंकि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस दक्षता को देखते हुए ग्राहक अपने खर्च एआई के लिए आवंटित कर रहे हैं।

कारोबार के दौरान इन्फोसिस 7.54 फीसदी तक लुढ़क गया था मगर बाद में थोड़ा संभलते हुए 1.2 फीसदी नुकसान में बंद हुआ। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने 6 फीसदी तक टूटने के बाद नुकसान की थोड़ी भरपाई की और कारोबार की समाप्ति पर 2 फीसदी गिरावट पर बंद हुआ। एचसीएल टेक भी 1.2 फीसदी नुकसान में रहा। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण मार्च 2020 के बाद पहली बार 10 लाख करोड़ रुपये से कम रह गया है। बाजार के भागीदारों ने कहा कि तेज गिरावट के बाद कम दाम पर लिवाली से शेयरों में थोड़ा सुधार हुआ।

First Published : February 13, 2026 | 9:58 PM IST