कोविड-19 का टीका कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) अदर पूनावाला ने सोमवार को कहा कि रातों-रात टीके की उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि टीके का उत्पादन एक खास प्रक्रिया के तहत होता है जिसमें समय लगता है।
पूनावाला ने यह भी कहा कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है और सभी वयस्कों के लिए पर्याप्त खुराक का उत्पादन करना कोई आसान काम नहीं है। इस समय लंदन में मौजूद पूनावाला ने यह भी कहा कि कंपनी देश में कोविड वैश्विक महामारी की दूसरी लहर के बीच कोविशील्ड का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को अगले कुछ महीनों में 11 करोड़ टीकों की आपूर्ति की जाएगी।
पूनावाला ने ट्विटर पर लिखा, ‘मैं कुछ चीजों को स्पष्ट करना चाहूंगा क्योंकि मेरे बयान को गलत तरीके से लिया गया है। सबसे पहले, टीका बनाना एक विशेषीकृत प्रक्रिया है। इसलिए रातों-रात उत्पादन बढ़ाना संभव नहीं है। हमें यह भी समझने की जरूरत है कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है। ऐसे में सभी वयस्कों के लिए पर्याप्त खुराक का उत्पादन करना कोई आसान काम नहीं है।’
पूनावाला ने कहा कि यहां तक कि विकसित देश और कंपनियां भी उत्पादन बढ़ाने के लिए परेशान हैं जबकि उन देशों की आबादी बहुत कम है। उन्होंने कहा कि पुणे की कंपनी पिछले साल अप्रैल से सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। पूनावाला ने कहा, ‘हमें हर प्रकार का समर्थन मिला है। चाहे वह वैज्ञानिक हो, नियामकीय हो या फिर वित्तीय। मौजूदा स्थिति के अनुसार हमें 26 करोड़ खुराक के ऑर्डर मिले हैं। इसमें से हम 15 करोड़ से अधिक खुराक की आपूर्ति कर चुके हैं। हमें भारत सरकार से अगले कुछ महीनों में 11 करोड़ खुराक के लिए 100 फीसदी भुगतान यानी 1,725.5 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं।’
पूनावाला ने कहा कि इसके अलावा अगले कुछ महीनों में 11 करोड़ खुराक राज्यों एवं निजी अस्पतालों के लिए आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम इस बात को समझते हैं कि हर कोई यथाशीघ्र टीके की उपलब्धता चाहता है। हमारा प्रयास भी यही है और हम इसे हासिल करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। हम और कड़ी मेहनत करेंगे और कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत के अभियान को और मजबूत बनाएंगे।’