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NMDC: इस्पात चक्र पर दीर्घावधि दांव

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Last Updated- December 28, 2022 | 12:24 AM IST
Tata Steel
Creative Commons license

‘चाइना अनलॉक’ यानी चीन में हालात सामान्य होने जैसी खबरें अनिश्चितता पैदा कर रही हैं। इसकी एक मुख्य वजह चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी हुई है जिसका उसकी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब एक-तिहाई योगदान है। यदि रियल एस्टेट गतिविधि में सुधार आता है, तो इस्पात एवं अन्य औद्योगिक धातुएं तथा सीमेंट ऐसे कुछ क्षेत्र होंगे जिनमें निश्चित तौर पर अच्छी मांग दिखेगी। इसका लौह अयस्क कीमतों पर सकारात्मक असर दिख सकता है, जिसकी वजह से NMDC एनएमडीसी के मूल्यांकन में सुधार आएगा, क्योंकि वह प्रमुख अयस्क उत्पादक है।

अगर ऐसा होता है तो NMDC लौह अयस्क का अपना उत्पादन बढ़ाने और मार्जिन बनाए रखने में सक्षम हो सकती है। अपने इस्पात संयंत्र की बिक्री से उसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी, और मार्जिन में सुधार आएगा। कंपनी ने नवंबर 2022 में घोषित 300 रुपये प्रति टन कीमत कटौती को वापस लिया है, क्योंकि सरकार ने लौह अयस्क, छर्र और इस्पात पर निर्यात शुल्क समाप्त कर दिया है। यदि चीन कीमत वृद्धि करता है तो कीमतों में और इजाफा होने की संभावना है, क्योंकि छर्र, अयस्क, रेबार्स, हॉट-रोल्ड कॉइल तथा अन्य इस्पात श्रेणियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत वृद्धि होगी। जून 2022 में निर्यात शुल्क लगने के बाद, निर्यात काफी घट गया, लेकिन अब इसमें तेजी के संकेत दिखने लगे हैं।

NMDC द्वारा इस्पात संयंत्र को औपचारिक तौर पर अलग किए जाने की प्रक्रिया IPO के साथ हो सकेगी, या सरकार हिस्सेदारी बिक्री पर विचार कर सकती है। संयंत्र पर अतिरिक्त पूंजीगत खर्च का कंपनी की बैलेंस शीट पर लंबे समय तक प्रभाव नहीं रहेगा। NMDC को खनन व्यवसाय के लिए भी ज्यादा पूंजीगत खर्च की जरूरत नहीं होगी, जो अन्य सकारात्मक बदलाव है।

विश्लेषक वित्त वर्ष 2025 तक उत्पादन 5 करोड़ टन के पार पहुंचने के अनुमान के साथ वित्त वर्ष 2021-25 के बीच अनुमानित बिक्री 11-12 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान जता रहे हैं। मजबूत मुक्त नकदी प्रवाह और पूंजीगत खर्च की कम जरूरत को देखते हुए कंपनी मजबूत लाभांश घोषित कर सकती है, क्योंकि सरकार इसके मुनाफे का लाभ उठाना चाहेगी।

यह भी पढ़ें: कोविड की मार के बाद सुधार की राह पर उद्योग जगत

वित्त वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 के लिए कंपनी का एबिटा नरम पड़ सकता है। यह मानना सही होगा कि अंतरराष्ट्रीय लौह अयस्क कीमतें न्यूनतम स्तर पर आ गईं, क्योंकि इनमें मार्च 2022 से 35 प्रतिशत की गिरावट आई है और नवंबर के मुकाबले दिसंबर में कुछ सुधार दिखा है। घरेलू कीमतों में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के अनुरूप गिरावट आई है। कीमतों में वृद्धि का सकारात्मक असर वित्त वर्ष 2024 में ज्यादा दिखेगा, क्योंकि मौजूदा वित्त वर्ष की सिर्फ एक तिमाही बची है। NMDC का शेयर अपने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

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First Published - December 27, 2022 | 8:08 PM IST

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