facebookmetapixel
माघ मेले में शंकराचार्य के स्नान को लेकर घमासान, प्रशासन ने भेजा दूसरा नोटिस; यूपी सीएम का तंजMotilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्ट

Mahagenco-NTPC ने सिन्नर थर्मल प्लांट के लिए 3800 करोड़ रुपये की बोली लगाई, अदाणी पावर को पछाड़ा

अदाणी पावर की बोली 3,000 करोड़ रुपये से कम बताई जा रही है।

Last Updated- October 29, 2024 | 6:03 PM IST
Thermal power plant

महाराष्ट्र सरकार की महाजेनको और एनटीपीसी की साझेदारी ने नासिक के पास 1,350 मेगावाट के सिन्नर थर्मल पावर प्लांट को खरीदने की दौड़ में बढ़त बना ली है। The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, इस कंसोर्टियम ने 3,800 करोड़ रुपये की बोली लगाई है, जिससे वे अदाणी पावर से आगे निकल गए हैं। अदाणी पावर की बोली 3,000 करोड़ रुपये से कम बताई जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल लेनदार हर बोली की कानूनी और नियामक जांच कर रहे हैं। इसके बाद व्यक्तिगत बोलीदाताओं से बातचीत शुरू होगी।

सिन्नर थर्मल पावर प्लांट के बारे में

सिन्नर थर्मल पावर प्लांट महाराष्ट्र के नासिक के पास सिन्नर विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में स्थित है। इस प्लांट को कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सहायक कंपनियों से कोयले की सप्लाई मिलती है। इसे पहले इंडियाबुल्स पावर ने विकसित किया था, लेकिन बाद में यह रतनइंडिया पावर की सहायक कंपनी बन गया।

सितंबर 2022 में, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने इस प्लांट को दिवालिया प्रक्रिया में डाला। जनवरी 2024 में, शापूरजी पल्लोनजी एंड कंपनी ने बकाया भुगतान न होने पर याचिका दायर की, जिसके बाद यह प्लांट आधिकारिक रूप से दिवालिया प्रक्रिया में आ गया। प्लांट के लिए बोली लगाने की अंतिम तारीख 20 सितंबर थी।

महाजेनको-एनटीपीसी कंसोर्टियम के अलावा, सात अन्य कंपनियों ने भी बोली लगाई है, जिनमें वेदांता ग्रुप, जिंदल पावर, ओडिशा मेटालिक्स और सिंगापुर की वीएफएसआई होल्डिंग्स शामिल हैं।

प्रमुख लेनदार

सिन्नर थर्मल पावर प्लांट के सबसे बड़े लेनदार पावर फाइनेंस कॉर्प (PFC) और REC हैं, जिनका कुल बकाया 15,909 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और एलआईसी भी प्लांट के अन्य प्रमुख लेनदारों में शामिल हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा की इन्वेस्टमेंट बैंकिंग शाखा BoB Caps लेनदारों की समिति (CoC) की सलाहकार है, जबकि शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी कानूनी सलाह दे रही है। समाधान पेशेवर राहुल जिंदल को कानूनी सहायता ट्रिलिगल द्वारा दी जा रही है।

सिन्नर प्लांट के फायदे

महाजेनको-एनटीपीसी कंसोर्टियम के पास नागपुर के पास स्थित अपने 2,190 मेगावाट के कोराडी पावर प्लांट के मौजूदा ढांचे का लाभ उठाने का मौका है, जिससे सिन्नर प्लांट के लिए कोयले की सप्लाई और संचालन आसान हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, सिन्नर प्लांट की चार में से केवल एक यूनिट ने व्यावसायिक संचालन शुरू किया है, जिससे अन्य बोलीदाताओं के लिए मौके बने हुए हैं। इसके अलावा, प्लांट के आसपास 1,600 एकड़ जमीन है, जिससे भविष्य में विस्तार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

हालांकि, कुछ लॉजिस्टिक चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन प्लांट की क्षमता और विस्तार की संभावनाएं इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं।

First Published - October 29, 2024 | 6:03 PM IST

संबंधित पोस्ट