facebookmetapixel
Advertisement
रियल एस्टेट पर लेबर कोड का मामूली असर, DLF और गोदरेज जैसी दिग्गज कंपनियों ने दिखाया मजबूत प्रदर्शनविदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर बढ़ा भरोसा, फरवरी में ₹20,000 करोड़ की खरीदारी से आई स्थिरताऑटो कलपुर्जा शेयरों में लौटी रौनक: व्यापार समझौतों और दमदार नतीजों से निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पीसरकारी कर्ज घटाने को राज्यों के फिजूलखर्च पर लगाम जरूरी, केंद्र के सामने बड़ी चुनौतीEditorial: AI इम्पैक्ट समिट के जरिए भविष्य की चुनौतियों और निवेश पर बड़ा दांवताकत, वक्त और लंबी तैयारी का खेल: भारत और यूरोप क्यों आ रहे हैं एक साथ?सोने-चांदी में जारी रहेगी उठापटक, क्या अमेरिकी GDP और महंगाई के आंकड़े बिगाड़ेंगे बाजार का खेल?अप्रैल से लागू होगा भारत-यूके के बीच हुआ CETA समझौता, व्हिस्की और कारें होंगी सस्ती: रिपोर्टशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! इस हफ्ते HAL और Coal India समेत 63 कंपनियां देने जा रही हैं तगड़ा डिविडेंडInd vs Pak, T20 WC 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले फिर गरमाया ‘हैंडशेक’ विवाद, क्या बदलेगा भारत का रुख?

Macrotech Developers रियल एस्टेट परियोजनाओं पर करेगी 4,500 करोड़ रुपये का निवेश

Advertisement
Last Updated- April 30, 2023 | 11:08 PM IST
Real estate investment trust

मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड (Macrotech Developers) चालू वित्त वर्ष में रियल एस्टेट परियोजनाओं पर 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी घरों की भारी मांग को देखते हुए अपनी क्रियान्वयन क्षमता बढ़ाना चाहती है। लोढ़ा (Lodha) ब्रांड नाम से अपनी संपत्तियां बेचने वाली मैक्रोटेक डेवलपर्स देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में से है।

मैक्रोटेक डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) अभिषेक लोढ़ा ने कहा कि ब्याज दरें और घरों की कीमतें बढ़ने के बावजूद आवासीय संपत्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की बिक्री बुकिंग 34 फीसदी वृद्धि के साथ 12,014 करोड़ रुपये रही और चालू वित्त वर्ष में कंपनी ने 20 फीसदी वृद्धि के साथ 14,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।

लोढ़ा ने कहा कि कंपनी ने 4,600 करोड़ रुपये का शुद्ध नकद प्रवाह अधिशेष सृजित किया है, जो जमीन को रियल एस्टेट उत्पादों में बदलने और फिर निर्माण करने के साथ-साथ उसे समय पर बेचने की उसकी ‘ताकत’ को दर्शाता है।

Also Read: तेल, जिंक उत्पादन बढ़ाने की योजना पर ध्यान दे रहे हैं Vedanta के सीईओ अनिल अग्रवाल

बीते वित्त वर्ष में निर्माण व्यय और 2023-24 के लिए लक्ष्य के बारे में पूछने पर लोढ़ा ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में हमने 3,300 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा विनिर्माण पर खर्च किए। इस वर्ष इसे एक-तिहाई तक बढ़ाने की योजना है। विनिर्माण पर लगभग 4,300-4,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।

लोढ़ा ने कहा, ‘बीते वित्त वर्ष में हमारी बिक्री बुकिंग में 34 फीसदी वृद्धि हुई। इसलिए विनिर्माण पर खर्च भी बढ़ेगा।’

Advertisement
First Published - April 30, 2023 | 4:38 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement