जापान की इस्पात एवं धातु उत्पाद निर्माता प्रोटेरियल लिमिटेड (पहले हिताची मेटल्स) ने बताया कि वह सरकार की स्पेशलिटी स्टील के लिए उत्पादन आधारित रियायत (पीएलआई) 1.2 स्कीम के तहत आंध्र प्रदेश में 30,000 टन प्रति वर्ष (टीपीए) क्षमता का मेटग्लास संयंत्र लगाने की योजना बना रही है।
कंपनी के वैश्विक अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी सीन एम स्टैक ने बिजनेस स्टैंडर्ड को एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार चालू हो जाने पर संयंत्र का उत्पादन भारत के लगभग आधे अमॉर्फस इलेक्ट्रिकल स्टील आयात की जगह ले सकता है, जिससे 3 से 5 साल में लगभग सभी आयात निर्भरता खत्म हो सकती है।
यह संयंत्र श्री सिटी में होगा और अक्टूबर 2026 में इसकी शुरुआत हो जाएगी। यह मेटग्लास के लिए भारत की पहली घरेलू प्रोडक्शन साइट होगी। मेटग्लास एक अमॉर्फस मेटल मैटीरियल है जिसका इस्तेमाल हाई-एफिशिएंसी ट्रांसफॉर्मर में होता है। यह परियोजना नवंबर 2025 में घोषित पीएलआई 1.2 स्कीम के तहत चलाई जा रही है ताकि विशेष इस्पात के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके।
स्टैक ने कहा, ‘अभी, भारत में इस्तेमाल होने वाला सारा इलेक्ट्रिकल इस्पात मैटीरियल (चाहे वह ग्रेन ओरिएंटेड स्टील हो या अमॉर्फस) आयात किया जाता है। हमारा मैटीरियल पहला लोकल स्तर पर बनाया जाने वाला मैटीरियल होगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और ग्राहकों को आपूर्ति श्रृंखला में ज्यादा भरोसा मिलेगा।’ बीएस