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वेंचर कैपिटल का डीप-टेक स्टार्टअप्स पर बड़ा दांव, निवेशकों की नजर AI-ड्रोन से लेकर ब्लॉकचेन तक

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वेंचर कैपिटल फर्में भारत में डीप-टेक स्टार्टअप्स पर निवेश दांव बढ़ा रही हैं, एआई, ब्लॉकचेन, ड्रोन और रोबोटिक्स जैसे नवाचार क्षेत्रों में तेजी से पूंजी प्रवाह हो रहा है

Last Updated- September 14, 2025 | 9:29 PM IST
Venture capital
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

डीप-टेक अब निवेशकों के लिए विशेष दांव नहीं रह गया है। भारत में कई सामान्य वेंचर कैपिटल (वीसी) फर्मों के पोर्टफोलियो में अब इसकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है। निवेश परिदृश्य में कंज्यूमर-फर्स्ट दांव से अब तकनीक-संचालित कंपनियों की ओर बदलाव का संकेत मिल रहा है। ऐसे में वीसी फर्में उन स्टार्टअप में निवेश बढ़ा रही हैं जो शोध-आधारित नवाचार को संभावना वाले बिजनेस मॉडलों के साथ जोड़ रही हैं।

वर्ष 2019 में अपना पहला डीप-टेक निवेश करने वाली वीसी फर्म कॉर्नरस्टोन वेंचर्स ने कहा कि उसने पिछले कैलेंडर वर्ष में चार निवेश किए और उसके इस वर्ष पांच डीप-टेक फर्मों में निवेश करने की संभावना है। फर्म के प्रबंध साझेदार अभिषेक प्रसाद ने कहा, ‘हमारे फंड-1 में कम से कम 60-70 प्रतिशत कंपनियां या तो पूरी तरह से डीप-टेक थीं या व्यावसायिक परिणाम देने के लिए नए जमाने की प्रमुख तकनीकों का लाभ उठा रही थीं। इनमें यूएवी में न्यूस्पेस रिसर्च टेक्नोलॉजीज, निजी ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर में धीवे टेक्नोलॉजीज, वेब3.0 में डॉपलर, एआई असिस्टेंट में नाइट्रो और लोन बुक हेल्थ असेसमेंट के लिए एमएल में क्रेडिट निर्वाण शामिल हैं।’

यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के कुल फंड का 64.7 प्रतिशत डीप-टेक क्षेत्र में निवेश किया गया है। इसमें नेत्रसेमी टेक्नोलॉजीज, कुइज, ऑर्बिटएड, आइरोव और डीपएल्गोरिदम जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर अनिल जोशी ने बताया कि कंपनी मौजूदा समय में अपने तीसरे फंड (1,000 करोड़ रुपये) से धन का निवेश कर रही है जिसमें डीप-टेक कंपनियों पर ध्यान दिया जा रहा है। 2024 में उसने डीप-टेक में छह निवेश किए और 2025 के अंत तक उसका लक्ष्य ऐसी सात कंपनियों में निवेश करना है।

इसी तरह ऑल इन कैपिटल ने कहा कि इस साल के अंत तक वह तीन से ज्यादा कंपनियों में निवेश करने की योजना बना रही है जिससे अत्याधुनिक नवाचार पर उसका ध्यान और मजबूत होगा। अब तक उसने दो निवेश किए हैं, एक ड्रोन में और दूसरा रोबोटिक्स क्षेत्र में। 2022 में स्थापित इस कंपनी का लक्ष्य डीप-टेक क्षेत्र में अपने पोर्टफोलियो को मजबूत बनाना है। ऑल इन कैपिटल के संस्थापक और साझेदार कुशल भागिया के अनुसार मौजूदा समय में कंपनी के पोर्टफोलियो में डीप-टेक और एआई की भागीदारी 50 प्रतिशत है।

प्रमुख निवेश नेटवर्क ‘इन्फ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स’ का भी कहना है कि डीप-टेक उसके निवेशकों के लिए मजबूत फोकस क्षेत्र बना हुआ है और फर्म ने कुल 15 कंपनियों पर दांव लगाया है। इनमें ड्रोन में बोनवी एयरो, स्पेस-टेक में जोवियन एयरोस्पेस और ड्रीमएयरोस्पेस जैसी कंपनियां शामिल हैं।

मार्केट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में कुल डीप-टेक फंडिंग 1.5 अरब डॉलर थी जिसमें 432 राउंड शामिल थे। 2025 में अभी तक कुल डीप-टेक फंडिंग 202 राउंड के साथ 1.09 अरब डॉलर है।  

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First Published - September 14, 2025 | 9:29 PM IST

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