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मुनाफे के लिए भा गईं स्टूडियो को कम बजट वाली फिल्में

Last Updated- December 07, 2022 | 8:46 PM IST

अनिल अंबानी की रिलायंस एंटरटेंमेंट के लिए फरहान अख्तर की फिल्म ‘रॉक ऑन’ काफी मुनाफे वाली साबित हुई है।


रिलीज के पहले हफ्ते में ही लगभग 8-9 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म ने अपनी निर्माण लागत वसूल कर ली है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक लगभग 210 प्रिंट्स के साथ देश भर में रिलीज हुई ‘रॉक ऑन’ ने पहले हफ्ते में ही 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है।

छोटे बजट वाली फिल्में अब प्रोडक्शन कंपनियों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही हैं। इसमें कोई हैरानी वाली बात नहीं है कि सुभाष घई, प्रीतिश नंदी, महेश और मुकेश भट्ट पिछले कई साल से 10-15 करोड़ रुपये की कम बजट वाली फिल्में बना रहे हैं।

लागत से ज्यादा नफा

हाल ही में रिलीज हुई भट्ट कैंप की इमरान हाशमी अभिनीत फि ल्म ‘जन्नत’ ने निर्माण लागत (10 करोड़ रुपये) से तीन गुना ज्यादा कमाई की। इस फिल्म ने अपनी निर्माण लागत सिर्फ टीवी प्रीमियर के अधिकार बेचकर ही पूरी कर ली थी।

फिल्म के संगीत अधिकारों से 4 करोड़ रुपये की कमाई और हुई। इसीलिए फिल्म की रिलीज से हुई कमाई (24 करोड़ रुपये) को बोनस माना जा सकता है। फिल्म 150 प्रिंट के साथ रिलीज की गई थी। मल्लिका सहरावत और रणवीर शौरी की फिल्म ‘अगली और पगली’ की फिल्म आलोचकों ने काफी आलोचना भी की। इसके बाद भी फिल्म के निर्माता प्रीतिश नंदी को फिल्म की पूरी लागत वसूल हो गई।

मुक्ता आट्र्स के कार्यकारी अधिकारी राहुल पुरी ने बताया, ‘इन फिल्मों से अच्छी कमाई हो जाती है अगर आप अपने बजट का प्रबंधन अच्छे तरीके से करे। हमारी रणनीति हमेशा ही एक साथ कई फिल्मों का निर्माण करने की रही है।

ऐसे में बड़े सितारों के पास डेट्स की दिक्कत रहती है। इसके लिए हमें कुछ और विकल्पों पर ध्यान देना पड़ता है।’ पिछले साल घई की चार फिल्में रिलीज हुई थी जिससे उन्हें 25-30 फीसदी मुनाफा हुआ था।

डूबीं महंगी फिल्में

इसके उलट यश राज फिल्म्स जैसे बॉलीवुड के बड़े प्रोडक्शन घरानों की फिल्मों में नुकसान का जोखिम भी ज्यादा होता है। एक फिल्म विश्लेषक ने बताया, ‘बड़े बजट की फिल्मों में बड़े सितारे होते हैं इसीलिए इन फिल्मों में जोखिम भी ज्यादा होता है।

जैसे पिछले साल यश चोपड़ा के प्रोडक्शन हाउस की पांच फिल्में रिलीज हुई थी। इन फिल्मों में बड़े सितारे भी थे, लेकिन फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाई नहीं कर पाई। बड़े सितारों वाली फिल्मों के देश भर में 600 प्रिंट रिलीज किए गए थे।’

लेकिन यह भी हकीकत है कि अगर बड़े बजट की फिल्में सफल होती हैं तो कमाई भी उतनी ही मोटी होती है। साल 2004 में कंपनी की तीन फिल्में हम-तुम, वीर-जारा और धूम रिलीज हुई थी। इस साल कंपनी ने लगभग 150 फीसदी कमाई की थी।

महेश भट्ट ने कहा, ‘फिल्में बड़े बजट से नहीं बड़े आइडिया से अच्छी बनती हैं। बड़े स्टूडियो फिल्मों की सफलता के भ्रम में रहकर फिल्म बनाते हैं। जबकि उन्हें वैसी सफलता हासिल नहीं हो पाती है।’ ऐसी फिल्मों के निर्माताओं की कमाई में काफी बड़ा हिस्सा इन फिल्मों के टेलीविजन पर प्रसारण अधिकारों की बिक्री का होता है।

हालांकि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक छोटे बजट की फिल्मों की मार्केटिंग काफी अच्छी तरह करनी होती है। दरअसल फिल्मों का कारोबार रिलीज के दूसरे हफ्ते से बढ़ता है जबकि बड़े बजट की फिल्मों को शुरुआत में ही अच्छी कमाई हो जाती है।

First Published - September 11, 2008 | 11:48 PM IST

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