facebookmetapixel
Advertisement
भारत में 8 साल में 90 हजार स्कूल घटे, 11 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहरस्कूलों की बदहाली के खिलाफ ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, जेन अल्फा के प्रदर्शनों ने शिक्षा संकट की ओर खींचा ध्यानबंगाल की खाड़ी में माल वाहक जहाज डूबा; तटरक्षक बल ने 2 नाविक बचाए, 22 अभी लापताइसरो की रणनीति में बड़ा बदलाव, लॉन्च वाहन और सैटेलाइट निर्माण निजी क्षेत्र को सौंपेगाबाजार हलचल: सेबी संबंधित पक्षकार लेनदेन के नियम आसान करेगा, पीएमएस सह-निवेश में तेजीअमेरिका-भारत के शेयर महंगे, यूरोप में ज्यादा आकर्षक FCF यील्ड: गोल्डमैन सैक्सSIP लहर पर सवार स्मॉलकैप फंड, 5 साल में 5 गुना बढ़ा AUMकेमिकल सेक्टर का दमदार प्रदर्शन, कम लागत वाली इन्वेंट्री से बढ़ा मुनाफाEditorial: डेरिवेटिव ट्रेडिंग में घट रही खुदरा भागीदारी, फिर भी छोटे निवेशकों का नुकसान बढ़ाखाद्य तेलों का आयात बढ़ा, आत्मनिर्भरता की राह में तकनीक नहीं नीतियां बन रहीं बाधा

फेसबुक ने सामग्री पर कार्रवाई की

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:51 PM IST

मेटा के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया मंच फेसबुक ने अपनी हालिया मासिक रिपोर्ट में बताया है कि मई महीने के दौरान भारत में 13 उल्लंघन श्रेणियों के तहत उसने करीब 1.75 करोड़ सामग्रियों (कंटेंट) के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें बताया गया कि जिन सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई वे प्रताड़ित करने, दबाव बनाने, हिंसा या ग्राफिक सामग्री, वयस्क नग्नता एवं यौन गतिविधियां, बच्चों को खतरे में डालने, खतरनाक संगठनों और व्यक्तियों तथा स्पैम जैसी श्रेणियों में आती थीं। भारत के परिप्रेक्ष्य में मासिक रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक ने एक मई से 31 मई, 2022 के बीच विभिन्न श्रेणियों के तहत 1.75 करोड़ सामग्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है, वहीं मेटा के अन्य मंच इंस्टाग्राम ने समान अवधि के दौरान 12 श्रेणियों में करीब 41 लाख सामग्रियों के खिलाफ कार्रवाई की।
मेटा की इस रिपोर्ट में कहा गया, ‘कार्रवाई करने का मतलब है फेसबुक या इंस्टाग्राम से कोई सामग्री हटाना या ऐसी तस्वीरों और वीडियो को कवर करना और उनके साथ चेतावनी जोड़ना है जो कुछ लोगों को परेशान करने वाले लग सकते हैं। पिछले वर्ष मई माह में प्रभाव में आए नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं वाले बड़े डिजिटल मंचों को हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना होती है जिनमें प्राप्त शिकायतों और की गई कार्रवाई की जानकारी हो। इसमें ऐसी सामग्री की भी जानकारी होती है जिसे हटाया गया या पहले से सक्रियता बरतते हुए जिसे रोका गया हो। ट्विटर इंडिया की पारदर्शिता रिपोर्ट जून, 2022 में बताया गया कि देश में 26 अप्रैल, 2022 से 25 मई, 2022 के बीच उसे 1,500 से अधिक शिकायतें मिलीं। इसमें कहा गया है कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर 46,500 से अधिक खातों को निलंबित किया गया।

सोशल मीडिया के अनिवार्य विनियमन की वकालत
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जे. बी. पारदीवाला ने सोशल मीडिया पर न्यायाधीशों पर ‘व्यक्तिगत, एजेंडा संचालित हमलों’ के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ पार करने की प्रवृत्ति को ‘खतरनाक’ करार देते हुए रविवार को कहा कि देश में संविधान के तहत कानून के शासन को बनाए रखने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया को अनिवार्य रूप से विनियमित किया जाना जरूरी है।
न्यायमूर्ति पारदीवाला ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। उनका संदर्भ पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा की निलंबित नेता नुपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर अवकाशकालीन पीठ की कड़ी मौखिक टिप्पणियों पर हुए हंगामे से था। इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति पारदीवाला वाला भी शामिल थे।    

Advertisement
First Published - July 3, 2022 | 11:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement