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आईटी के भविष्य के लिए प्रतिभा निर्माण पर जोर

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:06 AM IST

आईटी सेवा उद्योग संस्था नैशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर ऐंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) की अध्यक्ष देवयानी घोष का कहना है कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के लिए प्रतिस्पर्धी बढ़त के लिहाज से प्रतिभा का अहम योगदान रहेगा। घोष ने मौजूदा ‘नैसकॉम टेक्नोलॉजी लीडरशिप फोरम’ के अवसर पर बिजनेस स्टैंडर्ड से अनौपचारिक तौर पर बातचीत के दौरान कहा, ‘प्रतिभा से प्रतिस्पर्धी बढ़त सुनिश्चित होगी। प्रौद्योगिकी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। प्रौद्योगिकी तक हर किसी की पहुंच होगी, हालांकि आप यह अंतर देखेंगे कि प्रौद्योगिकी तक पहुंच का इस्तेमाल कैसे किया जाए। इससे आपकी प्रतिभा में सुधार आएगा।’
नैसकॉम के अनुसार, शीर्ष सूचीबद्घ प्रौद्योगिकी कंपनियों के समेकित राजस्व में 2020 की पहली छमाही में पहली छमाही के मुकाबले 5.3 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की गई। इसके अलावा, डिजिटल कौशल निर्माण पर ध्यान दिए जाने से जुड़ी पहलों का राजस्व भी प्रति कर्मचारी के हिसाब से दूसरी छमाही में 5.5 प्रतिशत बढ़ा। एट्रीशन दर यानी कर्मचारियों को अपने साथ जोड़े रखने की दर पहली छमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में 50 प्रतिशत तक घटी। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज द्वारा प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में इस क्षेत्र में एट्रीशन दर 11.3 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे रही, जो एक साल पहले 16.2 प्रतिशत थी। हालांकि ब्रोकर को चालू और अगली तिमाहियों में पारिश्रमिक वृद्घि के बावजूद यह संख्या अगली कुछ तिमाहियों में बढऩे का अनुमान है।
घोष ने कहा, ‘मेरे लिए, एट्रीशन दर कभी महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं रहा। यदि आप किसी लक्ष्य (एट्रीशन के लिए) तक पहुंचना चाहते हैं तो आप स्वयं की विफलता के लिए तैयार करते हैं। मेरे लिए, श्रेष्ठ प्रतिभा हमेशा प्राथमिकता के दायरे में रही।’

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First Published - February 18, 2021 | 11:18 PM IST

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