facebookmetapixel
IOC Q3 results: फरवरी में आएंगे नतीजे, जानिए पूरा शेड्यूलStock Market Today: ट्रंप के टैरिफ से बाजार में दबाव, एशियाई बाजारों में गिरावट; जानें कैसा रहेगा आज शेयर मार्केट का हालबजट पर शेयर बाजार की नजर: किन सेक्टरों पर बरसेगा सरकार का पैसा? जानें 5 ब्रोकरेज की रायBudget 2026: FY27 के यूनियन बजट से शेयर बाजार को क्या उम्मीदें हैंStocks To Watch Today: Tata Group से लेकर Vedanta तक, आज के कारोबार में ये शेयर रहेंगे सुर्खियों में; जानिए पूरी लिस्टArtemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमान

दूरसंचार विभाग ने संचार कंपनियों को 15 जनवरी तक प्रस्तावित नीलामी पर सवाल लाने को कहा

Last Updated- December 12, 2022 | 9:56 AM IST

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से प्रस्तावित नीलामियों पर विस्तृत प्रश्नों के साथ सामने आने के लिए कहा है। कंपनियों को अपने सवालों की सूची के साथ 15 जनवरी तक प्रतिक्रिया देनी होगी।
सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जियो, भारतीय एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने आज स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए बोली पूर्व कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था।
पता चला है कि बयाना राशि, रोल आउट दायित्वों और बोली दस्तावेज में 5जी तकनीक के नहीं होने जैसे पहलुओं पर सवाल किए गए थे। पिछले हफ्ते दूरसंचार विभाग ने सात बैंडों – 700, 800, 900, 1800, 2100, 2300 और 2500 मेगाहट्र्ज बैंडों में आवेदन मंगाने के लिए नोटिस जारी किया था और बोली 1 मार्च से शुरू होनी है।
पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आधार मूल्य पर 3.92 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,251.25 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।    
टेलीकॉम ऑपरेटरों को नीलामी में भागीदारी करने के लिए 5 फरवरी तक अपना आवेदन जमा करने की जरूरत है।
नीलामी इस साल मार्च में की जानी है। इससे पहले चार वर्ष पूर्व अक्टूबर 2016 में नीलामी की गई थी। पिछली बोली में सरकार ने 65,789 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
इसमें 700 मेगाहट्र्ज, 800 मेगाहट्र्ज, 900 मेगाहट्र्ज, 1,800 मेगाहट्र्ज, 2,100 मेगाहट्र्ज, 2,300 मेगाहट्र्ज और 2,500 मेगाहट्र्ज बैंडों की पेशकश की जाएगी।

First Published - January 12, 2021 | 11:24 PM IST

संबंधित पोस्ट