facebookmetapixel
Advertisement
Retail Inflation: जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर, खाने-पीने की चीजोंं के दाम में तेजी से बढ़ा दबावNFO Alert: जेरोधा म्युचुअल फंड ने लॉन्च की आर्बिट्रेज स्कीम, ₹1000 से SIP शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टूटे टाटा स्टॉक्स, टेक्निकल चार्ट पर किन शेयरों में दिख रही मजबूती?महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण नियमों में बड़ा बदलाव, देरी पर बढ़ेगा मुआवजे का ब्याजMilky Mist IPO Day-2: इश्यू करीब 2 गुना भरा, GMP से 14% लिस्टिंग गेन के संकेतटाटा संस से क्यों विदा हो रहे एन. चंद्रशेखरन? पढ़ें बोर्ड को लिखा उनका पूरा पत्रTCS से टाटा संस की कमान तक: कैसा रहा समूह में एन. चंद्रशेखरन के 4 दशक का सफरChild Debit Card: बच्चों के लिए डेबिट कार्ड की सुविधा क्या है? जानिए इन पांच बैंकों में माइनर अकाउंट का पूरा प्रोसेसटाटा संस में बड़ा बदलाव: एन. चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, फरवरी तक रहेंगे चेयरमैनबाजार खुलते ही 10% टूटा गोदरेज ग्रुप का ये स्टॉक, ब्रोकरेज हैं बुलिश, 59% तक रिटर्न संभव

शेड्यूल एम लागू करने में हो सकती है देर

Advertisement

विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि मियाद बढ़ाई गई तो योजना लागू होने में और भी देर हो सकती है।

Last Updated- May 06, 2025 | 10:44 PM IST
Pharma Stocks

छोटी और मझोली दवा कंपनियों ने केंद्र सरकार से संशोधित शेड्यूल एम के मुताबिक उन्नयन योजना लागू करने की आखिरी तारीख तीन महीने और बढ़े का अनुरोध किया है। फिलहाल इसकी आखिरी तारीख 10 मई है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि मियाद बढ़ाई गई तो योजना लागू होने में और भी देर हो सकती है।

शेड्यूल एम में उत्पादन के अच्छे तौर तरीके निर्धारित किए गए हैं ताकि देश में बन रही दवाओं की गुणवत्ता अच्छी रहे। सरकार ने 250 करोड़ रुपये से कम कारोबार वाली छोटी दवा कंपनियों को शेड्यूल एम लागू करने के लिए इसी फरवरी में एक साल का वक्त और दे दिया। मगर मियाद में इस बढ़ोतरी का फायदा उठाने के लिए कंपनियों को अधिसूचना की तारीख से तीन महीने के भीतर यानी मई 2025 तक उन्नयन योजना जमा करने के लिए कहा गया।

दवा बनाने वाली एमएसएमई कंपनियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री (सीआईपीआई) के चेयरमैन आरके जैन ने भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को पत्र लिखकर कहा कि आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 3 महीने के लिए बढ़ाई जानी चाहिए क्योंकि छोटे विनिर्माता उन्नयन तो दूर खामियों की रिपोर्ट भी तय समय में नहीं दे सकते। इसलिए अंतिम तिथि 10 अगस्त करने का अनुरोध पत्र में किया गया।

आशिका समूह की विश्लेषक निराली शाह ने कहा कि वित्तीय और तकनीकी सहायता के साथ मियाद में बिना शर्त विस्तार की मांग बताती है कि एमएसएमई के लिए अनुपालन और बुनियादी ढांचा कितनी बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि मियाद बढाने से छोटी कंपनियों को राहत मिल सकती है मगर उनकी जवाबदेही कम नहीं होनी चाहिए। निराली ने कहा कि योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा सकती है मगर समयसीमा का पालन होना चाहिए और निगरानी भी चलनी चाहिए।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने वह पत्र देखा है, जिसमें कहा गया है, ‘प्रस्तावित विस्तार से कई और निर्माताओं को संशोधित शेड्यूल एम के अनुसार अपना बुनियादी ढांचा बेहतर करने में मदद मिलेगी।’

Advertisement
First Published - May 6, 2025 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement