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बाहरी फर्म से होगी इन्फ्रा की ऑडिट

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:51 AM IST

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने आज शेयर बाजार को सूचित किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के पूरे आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की ऑडिट के लिए एक बाहरी पेशेवर आईटी फर्म की नियुक्ति की है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और पेमेंट यूटिलिटी क्षेत्र में कई बार सेवाएं बाधित होने के कारण रिजर्व बैंक एचडीएफसी बैंक को दंडित किया था।
एक्सचेंज को दी गई सूचना में बैंक ने कहा, ‘बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 (अधिनियम) की धारा 30 (1बी) के तहत आरबीआई ने बैंक के पूरे आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की विशेष ऑडिट के लिए बाहरी पेशेवर आईटी फर्म की नियुक्ति की है।’
इसमें कहा गया है, ‘इसके मुताबिक बैंक रिजर्व बैंक की ओर से विशेष ऑडिट के लिए नियुक्त बाहरी पेशेवर आईटी फर्म को अपनी ओर से पूरा समर्थन करेगा।’
पिछले साल दिसंबर में कई बार सेवाएं बाधित होने के बाद रिजर्व बैंक ने देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक को अस्थायी रूप से अपनी सभी डिजिटल पेशकश रोकने के साथ क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए नए सोर्सिंग का आदेश दिया था। केंद्रीय बैंक की इस कार्रवाई के बाद निजी क्षेत्र के बैंक प्रबंधन ने अपने ग्राहकों के लिए एक बयान जारी कर उम्मीदों के मुताबिक कभी कभी सेवाएं न दे पाने को लेकर खेद जताया था। साथ में ग्राहकों को आश्वासन भी दिया गया था कि  बैंक पहले ही बाहरी विशेषज्ञों की मदद ले रहा है और यह समझने की कवायद कर रहा है कि आगे और क्या किए जाने की जरूरत है, जिससे आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम मजबूत हो सके।
उसके बाद बैंक ने पिछले महीने केंद्रीय बैंक के समक्ष कार्य योजना प्रस्तुत की थी, जिसमें उठाए गए कदमों और मसलों के समाधान का ब्योरा था। बैंक ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि बैंक का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म 3 महीने में दुरुस्त हो जाएगा।

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First Published - February 2, 2021 | 11:39 PM IST

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