facebookmetapixel
बजट 2026 से रियल एस्टेट को बड़ी उम्मीदें: अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर फोकस जरूरीलाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर मोतीलाल ओसवाल बुलिश, ₹180 के टारगेट के साथ शुरू की कवरेजSmallcap Funds: 83% निवेश टॉप 750 शेयरों में, स्मॉलकैप फंड्स का फोकस क्यों बदला?Bharat Coking Coal IPO: अलॉटमेंट हुआ फाइनल, GMP में उछाल; पर लिस्टिंग डेट में बदलावInfosys Q3 Results: मुनाफा घटा लेकिन रेवेन्यू बढ़ा, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का सही मौका; वैल्यूएशन बढ़ियाअब केवल पैसा नहीं, देश चुन रहे हैं अमीर! जानिए कहां जा रहे हैं करोड़पतिTata Power के नतीजे किस दिन आएंगे? कंपनी ने कर दिया ऐलानदाम बढ़ते ही Cement Stocks में मौका! Emkay ने इन 4 कंपनियों को बताया निवेश के लिए फेवरेटQ3 Results Today: HDFC Life Insurance से लेकर Jio Financial और L&T Tech तक, आज 24 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे25% अमेरिकी शुल्क का असर भारत पर सीमित, ईरान पर पड़ेगा सबसे ज्यादा दबाव

इन्फोसिस 10 हजार नियुक्तियां कम करेगी

Last Updated- December 07, 2022 | 4:44 PM IST

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में नियुक्तियों में मंदी का दौर अब भी बरकरार है।


जहां एक तरफ पहले कई आईटी कंपनियों ने इस साल नियुक्तियों में कटौती के संकेत दिए हैं, वहीं देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी इन्फोसिस ने कहा कि वह मौजूदा वित्त वर्ष में 25 हजार लोगों को नियुक्त करेगी।

नियुक्तियों की यह संख्या पिछले वित्त वर्ष में हुई कुल नियुक्तियों से लगभग 29 फीसद कम है। वित्त वर्ष 2007-08 में आईटी की प्रमुख कंपनी ने 35 हजार लोगों को नियुक्त किया था। इन्फोसिस की वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट एवं मानव संसाधन की समूह प्रमुख नंदिता गुर्जर का कहना है, ‘मौजूदा वित्त वर्ष में हमारी योजना 25,000 लोगों को नियुक्त करने की है, जिसमें से 18,000 नियुक्तियां कैम्पस के जरिये की जाएंगी।’

कहीं मंदी कारण तो नहीं

वैश्विक मंदी के कारण कंपनी की नियुक्तियों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। नंदिता गुर्जर का कहना है कि नियुक्तियों पर असर चालू वित्त वर्ष की पिछली दो तिमाहियों में दिखाई दिया था। उनका कहना है, ‘तीसरी और चौथी तिमाही के दौरान समय आ गया है कि कंपनी नियुक्तियों में हाथ कस ले।’ नंदिता गुर्जर का कहना है कि संख्या में कमी के लिए सिर्फ आर्थिक मंदी ही नहीं, बल्कि अन्य कई कारणों जैसे बुनियादी ढांचागत सुविधाएं और कारोबारी योजनाएं भी कारण हैं।

कम लोगों ने छोड़ी नौकरी

कंपनी की ओर से मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार 30 जून, 2008 को समाप्त कंपनी में 3,372 प्रशिक्षु थे, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 5,070 थी। नौकरी छोड़ने वालों की दर के बारे में नंदिता गुर्जर का कहना है कि हालिया समय में इस स्तर में कमी आई है और यह लगभग 13 प्रतिशत है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी में नौकरी छोड़ने वालों की दर 13.6 प्रतिशत थी, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 13.7 प्रतिशत से मामूली सी कम है।

साल में दो बार तरक्की

इन्फोसिस ने पहली बार इस साल अपनी कंपनी के कर्मचारियों को साल में दो बार तरक्की देने की योजना बनाई है। नंदिता गुर्जर का कहना है, ‘यह पहली बार है जब हम एक साल में दो बार तरक्की देने जा रहे हैं और यह इस साल शुरु हो जाएगा।’ उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन में इजाफा 11-13 प्रतिशत के बीच में होगा, जबकि पिछले साल वेतन में 12-15 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था।

First Published - August 13, 2008 | 1:31 AM IST

संबंधित पोस्ट