facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

उद्योग 4.0 के लिए भारत तैयार: MSME और स्टार्टअप्स से 5G-सक्षम डिजिटल बदलाव पर प्रस्ताव मांगे गए

Advertisement

उद्योग 4.0 के कारण विनिर्माण उद्योग महत्त्वपूर्ण रूप से बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

Last Updated- June 05, 2024 | 10:59 PM IST
5G

दूरसंचार विभाग ने भारत में उद्योग का 4.0 बेसलाइन सर्वेक्षण विस्तृत रूप से विकसित करने के लिए संगठनों और स्टार्टअप से प्रस्ताव मांगे हैं। यह सर्वेक्षण 5 जी तकनीक से डिजिटल बदलाव पर केंद्रित है। विभाग ने बुधवार को बताया कि इस सर्वेक्षण का ध्येय विनिर्माण क्षेत्र में उद्योग की 4.0 की तैयारी के हालिया स्तर का आकलन करना है और इसमें भी विशेषतौर पर एमएसएमई के सुधार और प्राथमिकता निवेश को चिह्नित करना है।

उद्योग 4.0 के कारण विनिर्माण उद्योग महत्त्वपूर्ण रूप से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उद्योग 4.0 में एडवांस तकनीकों का समन्वय किया गया है। एडवांस तकनीकों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और क्लाउट कंप्यूटिंग हैं।

इन आधुनिक तकनीकों की बदौलत दक्षता, उत्पादन, प्रक्रिया, रणनीति और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। टेलीकॉम सेंटर फॉर एक्सीलेंस इंडिया वाले इस सावर्जनिक निजी भागीदारी पहल का उद्देश्य एमएसएमई को उद्योग 4.0 को अपनाने में आने वाली चुनौतियों को समझना है और आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल करना है।

विभाग ने बताया, ‘इस सर्वेक्षण का ध्येय 5जी और 6 जी नेटवर्कों द्वारा मुहैया कराई जाने वाली क्षमताओं का लाभ उठाने के लिए सक्षम ईकोसिस्टम के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी करना है।’यह सर्वेक्षण 60 दिन की अवधि को होगा। इसमें उत्तर और दक्षिण भारत कके पांच प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इसकी प्रमुख सिफारिशों में नीतिगत हस्तक्षेप के लिए मंच तैयार करना है।

Advertisement
First Published - June 5, 2024 | 10:58 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement