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ईएसजी रिपोर्टिंग वाली पहली भारतीय विमानन कंपनी बनी इंडिगो

Last Updated- December 12, 2022 | 2:15 AM IST

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने पर्यावरण अनुकूल विमानन की दिशा में अपने प्रयासों को दर्शाने के लिए अपनी पहली एनवायरनमेंट सोशल गवर्नेंस (ईएसजी) रिपोर्ट प्रकाशित की है। इंडिगो द्वारा क्यूआईपी के तहत 3,000 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया के बीच इसे प्रकाशित किया गया है और कंपनी द्वारा प्रमुख वैश्विक फंडों को आकर्षित किए जाने की संभावना है।
इंडिगो ने कहा है कि वह विमान में सस्टेनेबल एविशन फ्यूल (एसएएफ) इस्तेमाल की संभावना तलाश रही है और उसने अंतरराष्ट्रीय एसएएफ प्रदाता के साथ समझौता किया है।
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी रनजय दत्ता ने कहा, ‘ईएसजी के क्षेत्र में पहली रिपोर्ट हमारी धरती की जैव विविधता को सुरक्षित एवं पोषित बनाए रखने के लिए इंडिगो द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों के अनुरूप है। स्थिरता और सतत परिवेश को दैनिक परिचालन के साथ जोड़ा जा रहा है, और आईएटीए की अपनी सदस्यता के जरिये हम इस महत्वपूर्ण प्रयास में दुनियाभर की एयरलाइनों की प्रमुख रैंक में अपनी खास पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्घ हैं।’
एयरलाइन ने कहा है कि कार्बन उपस्थिति घटाने के प्रयास में वह अपने बेड़े को चरणबद्घ तरीके से आधुनिक बनाने जैसे कदमों पर जोर दे रही है। कंपनी पुराने एयरबस ए320 सीईओ विमानों को हटाकर ज्यादा ईंधन किफायती ए320 नियो विमानों पर ध्यान दे रही है। इसके अलावा विमान यात्रा में वजन घटाने के उपायों, अनुकूल विमान यात्रा मार्गों, विमानन परिचालन में सुधार पर भी जोर दे रही है।
एयरलाइन ने कहा, ‘इंडिगो में, हमारा यह भी मानना है कि उपर्युक्त सभी उपायों को एक साथ अमल में लाना एसएएफ के अनुकूल नहीं हो सकता है। हालांकि हम यह भी समझते हैं कि एसएएफ का बहुत ज्यादा उत्पादन नहीं हो रहा है।’ एयरलाइन का कहना है कि उसका मकसद 2015-16 के मुकाबले 2022-23 में अपना कार्बन डाई ऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर (एएसके) 18 प्रतिशत तक घटाना है।
एयरलाइन ने कहा कि उसने 2014-15 और 2020-21 के बीच 4.67 लाख टन विमानन ईंधन की बचत की।
दुनिया की सबसे बड़ी कार्बन उत्सर्जकों में शामिल कई एयरलाइनों ने अपने पर्यावरण संबंधित प्रभाव में बदलाव लाने के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं।

First Published - July 30, 2021 | 11:48 PM IST

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