facebookmetapixel
Advertisement
35 साल बाद सुधारों की नई जरूरत: अब निर्यातकों और आयातकों पर भरोसा जताने का आया समयजेन-ज़ी की चिंगारी कैसे देशभर में फैली, अनोखे आंदोलन ने झुकाई सरकारपेपर लीक पर सरकार का सख्त संदेश, संसद में कल पेश होगा संशोधन विधेयकउदारीकरण के 35 साल: सुधारों ने खोले अवसरों के द्वार, बोले सुनील मित्तल- आजादी के दिन जैसा था 1991 का बजट भाषणपरीक्षा सुधारों पर प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा ऐलान, नंदन नीलेकणि की अगुवाई में बनेगी हाई पावर टास्क फोर्सभारत ने बनाया पहला स्वदेशी टर्बोजेट इंजन, मिसाइल तकनीक में आत्मनिर्भरता की बड़ी छलांगदूसरी और तीसरी तिमाही में रिटर्न 1% से ऊपर रहने की उम्मीद: बैंक ऑफ बड़ौदा2030 तक दोगुना होगा माइनिंग और कंस्ट्रक्शन कैपेक्स, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हबEPFO की UPI सेवा में देरी, अब अगस्त में शुरू हो सकती है PF क्लेम की नई सुविधाभारत की शिक्षा व्यवस्था को नौकरशाही में फेरबदल नहीं, प्रणालीगत सुधारों की जरूरत

वैश्विक ईवी क्षेत्र में भारत की अग्रणी​ भूमिका

Advertisement

रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 23 में 21.2 प्रतिशत की दर के साथ सबसे अधिक दोपहिया बिक्री वृद्धि दर्ज की।

Last Updated- September 10, 2023 | 10:34 PM IST
India's leading role in the global EV sector

वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर कुल 1.54 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की शिपमेंट भेजी जाएगी। इसमें कारों की बाजार हिस्सेदारी 97.1 प्रतिशत रहेगी। अनुसंधान फर्म गार्टनर के पूर्वानुमान से यह जानकारी मिलती है। ये आंकड़े विश्व ईवी दिवस से पहले जारी किए गए थे, जो 9 सितंबर को होता है।

वर्ष 2023 के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक बस और वैन के मामले में दोनों में से प्रत्येक की रिकॉर्ड स्तर पर 2,00,000 शिपमेंट रहेगी। वर्ष 2024 में कुल शिपमेंट 1.85 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

जेएमके रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार भारत में ईवी की बिक्री बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 (वित्त वर्ष 23) में बिक्री 173.6 प्रतिशत तक बढ़कर 12.5 लाख हो गई, जो पिछले वर्ष की 4,60,000 बिक्री से अधिक है। वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 1,50,000 था। बाजार हिस्सेदारी में पंजीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का योगदान सबसे अधिक है, जो वित्त वर्ष 23 तक संयुक्त रूप से 48.8 प्रतिशत रही
है।

वर्ष 2013-14 से वित्त वर्ष 23 के बीच इस बिक्री में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत की दर के साथ सबसे अधिक रही, इसके बाद महाराष्ट्र (10.2 प्रतिशत), दिल्ली (8.9 प्रतिशत), कर्नाटक (8.5 प्रतिशत), और राजस्थान (6.4 प्रतिशत) का स्थान रहा।

रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 23 में 21.2 प्रतिशत की दर के साथ सबसे अधिक दोपहिया बिक्री वृद्धि दर्ज की। तिपहिया वाहन की श्रेणी में महिंद्रा इलेक्ट्रिक ने बाजार हिस्सेदारी में नौ प्रतिशत की दर के साथ सर्वाधिक योगदान किया।

कार श्रेणी में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 79.3 प्रतिशत रही, जबकि पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस 31.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बस श्रेणी में आगे रही।

Advertisement
First Published - September 10, 2023 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement