भारत को अगस्त तक कोविड का चौथा टीका मिल सकता है। हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल ई के टीके के पहले और दूसरे चरण का परीक्षण पूरा हो गया है और तीसरा चरण जल्द ही शुरू होने वाला है। नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य वीके पॉल ने आज इसकी जानकारी दी।
देश में अभी कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीका उपलब्ध है और नियामक ने रूस के स्पूतनिक वी को भी मंजूरी दे दी है, जो मई से उपलब्ध हो सकता है।
पॉल ने कहा कि इस टीके को जैव प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से विकसित किया गया है और कंपनी की क्षमता प्रति माह करीब 7 करोड़ खुराक उत्पादन की है। पॉल ने कहा कि बायोलॉजिकल ई जल्द ही पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के डेटा सौंप सकती है। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के टीके बनाने वाली
पुरानी कंपनी है और इसके पास व्यापक क्षमताएं हैं। इस बारे में संपर्क करने पर बायोलॉजिकल ई ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया।
बायोलॉजिकल ई विभिन्न कोविड-19 टीके उम्मीदवारों की 1.5 अरब खुराक तैयार कर रही है। इनमें से 1 अरब खुराक टैक्सस के बेयर कॉलेज ऑफ मेडिसन के रीकॉम्बिनेंट की और करीब 50 करोड़ खुराक जॉनसन ऐंड जॉनसन के येनसेन फार्मा की हैं।
पॉल ने कहा कि सरकार टीके के वैश्विक विनिर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि टीके आयात करने की नीति भी उदार बनाई गई है।