facebookmetapixel
Advertisement
स्काईरूट के रॉकेट विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष जाएगा ‘मिशन एम्ब्रेस’, कचरा हटाने वाली तकनीक का होगा सफल परीक्षणराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस का भाजपा-संघ पर बड़ा हमला, ट्रस्ट को भंग करने की मांग कीभारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता, $60 करोड़ में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल खरीदेगा जकार्ताकम गुणवत्ता वाले शेयरों का अत्यधिक मूल्यांकन है सबसे बड़ा जोखिम: विनय पहाड़ियाक्विक कॉमर्स में एमेजॉन और फ्लिपकार्ट की एंट्री से मचा हड़कंप, वितरकों ने FDI नियमों पर उठाए सवालबाजार में स्थिरता आते ही कंपनियों ने QIP से जुटाए ₹16,990 करोड़, अदाणी ग्रुप की डील से आई भारी तेजीकल्ट फिट ने आईपीओ के लिए सेबी के पास जमा किए पेपर, 950 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारीसन फार्मा ने ऑर्गनन का 11.75 अरब डॉलर में किया अधिग्रहण, SBI समेत 11 अलग-अलग बैंकों ने दिया कर्जकनेक्टेड कारों और EVs में हैकिंग का खतरा बढ़ा, सरकार ने वाहन कंपनियों को दिया साइबर ऑडिट का निर्देश53 कंपनियों में प्री-लिस्टिंग लॉक-इन तीन महीने में होगी समाप्त, निवेशकों की रहेगी नजर 

बैजूस पर बढ़ा कर्ज चुकाने का दबाव

Advertisement
Last Updated- December 13, 2022 | 11:15 PM IST
कंपनी मंत्रालय का निर्देश, Byju’s मामले की जांच में तेजी लाएं, Company Ministry's instructions to speed up investigation into Byju's case

शिक्षा-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बैजूस अगर अपने नकदी भंडार से पूंजी नहीं दे पाई तो ऋणदाताओं का एक समूह उसे अमेरिकी परिसंपत्ति बेचने के लिए कह सकता है ताकि करीब 1.2 अरब डॉलर कर्ज के कुछ हिस्से का भुगतान किया जा सके। अमेरिकी परिसंपत्ति का मूल्य 50 करोड़ डॉलर से 80 करोड़ डॉलर तक है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि अगर बैजूस अमेरिकी परिसंपत्ति नहीं बेच पाई या भुगतान नहीं कर पाई तो कर्जदाताओं का समूह कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है। इसकी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘कर्जदाताओं को भरोसा है कि बैजूस ने जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा अपनी अमेरिकी संस्था में लगाया है। ऐसे में कंपनी को वहीं से कुछ पूंजी जुटाने के लिए कहा है। इस वक्त चर्चा चल रही है और अगर सहमति नहीं बनी तब परिसंपत्ति भुनाने के लिए वे कानूनी कार्यवाही शुरू कर सकते हैं।‘

मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य शख्स ने कहा कि बेंगलूरु की कंपनी बैजूस की बातचीत कर्जदाताओं से हो रही है और कंपनी अगले कुछ हफ्ते में 1.2 अरब डॉलर कर्ज के कुछ हिस्से का भुगतान कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि कर्जदाता विलय और अधिग्रहण पर जोर देने वाले वैश्विक निवेश बैंक होउलिहान लोकी इंक की सेवाएं ले रहे हैं।

यह वैश्विक निवेश बैंक बैजूस द्वारा शर्तों के कथित उल्लंघन के बाद कर्जदाताओं को अनुबंधों में संशोधन करने का सुझाव देगा। इसमें 31 मार्च 2022 को खत्म हुए साल के लिए वित्तीय नतीजे घोषित करने के लिए सितंबर की समयसीमा शामिल है। इस वार्ता में वैश्विक वित्तीय सलाहकार कंपनी रॉथ्सचाइल्ड ऐंड कंपनी बैजूस का प्रतिनिधित्व कर रही है।

बैजूस के प्रवक्ता ने इस मामले पर कुछ भी नहीं कहा। एक दिक्कत यह भी है कि किसी भी कंपनी को कर्ज जुटाने के 9 महीने के भीतर बॉन्ड की रेटिंग करनी होती है। बॉन्ड निश्चित आमदनी का साधन है जो बताता है कि निवेशक ने कर्जदार को ऋण दिया है। मगर बैजूस इसकी रेटिंग नहीं कर सकी क्योंकि पिछले साल इसके नतीजे आने में देर हो गई थी। एक सूत्र ने कहा, ‘इस साल फिर बैजूस अपने नतीजे को अंतिम रूप नहीं दे पाई है। इसकी वजह से ऋणदाता कर्ज का पूरा या आंशिक भुगतान मांग रहे हैं।’

कंपनी अपने कर्ज का पुनर्गठन चाहती है मगर उसके सामने घाटे की चुनौती भी है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने कर्जदाताओं की विभिन्न शर्तों पर पहले ही सहमति जता दी थी, जिनमें एक मुख्य वित्तीय अधिकारी की भर्ती करना, कर्ज पर ब्याज की दरें बढ़ाना और हर महीने कारोबार से जुड़ा ताजा विवरण देना शामिल है।

बैजूस का मूल्यांकन 22 अरब डॉलर किया गया है और इसने कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआईए), ब्लैकरॉक, चैन जुकरबर्ग इनीशिएटिव, सिकोया, सिल्वर लेक, बॉन्ड कैपिटल, टेनसेंट, जनरल अटलांटिक तथा टाइगर ग्लोबल जैसे निवेशकों की मदद से कुल 5.25 अरब डॉलर जुटाए हैं। कंपनी से 15 करोड़ से ज्यादा लोग शैक्षणिक सेवाएं लेते हैं।

उसने मौजूदा निवेशकों से हाल ही में 25 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। कंपनी ने अमेरिका के बाजार में कई अधिग्रहण भी किए हैं। सितंबर 2021 में कंपनी ने करीब 20 करोड़ डॉलर खर्च कर किंडरगार्टन से कक्षा 12 तक के रचनात्मक कोडिंग प्लेटफॉर्म टिंकर का अधिग्रहण किया था।

Advertisement
First Published - December 13, 2022 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement