ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर (जीएसके कंज्यूमर) का वितरण व्यवसाय स्वयं के साथ समेकित करने के बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने इस कैलेंडर वर्ष में मध्य भारत के लिए अपने न्यूट्रीशन व्यवसाय के लिए वृद्घि का लक्ष्य 1 प्रतिशत से बढ़ाकर दो अंक का लक्ष्य रखा है।
एफएमसीजी दिग्गज ने इस क्षेत्र के वितरकों के साथ एक बैठक में कहा कि मध्य भारत ने कैलेंडर वर्ष 2021 में दो अंक की वृद्घि दर्ज की है, यह 2020 के मध्यम एक अंक के मुकाबले सकारात्मक है।
मध्य भारत में लक्स साबुन की निर्माता ने कैलेंडर वर्ष 2021 में 18 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की जबकि कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए यह आंकड़ा 5 प्रतिशत था। जीएसके कंज्यूमर के क्रोसिन, ओट्रिविन और ओस्टोकैल्शियम जैसे उत्पाद बेचने के लिए एचयूएल वितरकों ने दवा लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और उन्हें साल के दौरान छोटे वितरकों के साथ जुडऩे में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि उसके बाद से इस समस्या का समाधान निकाल लिया गया। इसके अलावा, जहां जीएसके कंज्यूमर के वितरकों को स्वयं के साथ समेकित करते हुए कंपनी ने एचयूएल उत्पादों के साथ साथ मौजूदा जीएसके कंज्यूमर उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए वितरकों की मदद की थी। जीएसके कंज्यूमर वितरकों को एचयूएल की व्यवस्था के साथ बड़ा बदलाव लाना पड़ा था। इसके अलावा एचयूएल के मजबूत उत्पाद पोर्टफालियो के साथ साथ उसने समायोजन पर भी ध्यान केंद्रित किया। इस संबंध में एचयूएल को भेजे गए सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है।
जीएसके कंज्यूमर की दक्षिण और पूर्वी भारत में दवा विक्रेताओं, किराना स्टोरों, आधुनिक व्यापार एवं ई-कॉमर्स जैसे चैनलों तक मजबूत पकड़ है। फिलिप कैपिटल इंडिया में इक्विटी रिसर्च के उपाध्यक्ष विशाल गुटका ने कहा कि अधिग्रहण से पहले जीएसके कंज्यूमर की मध्य भारत में मजबूत उपस्थिति नहीं थी।
उन्होंने कहा कि केमिस्टों का माध्यम उन सेमी-होलसेलरों के जरिये दवाओं और उपभोक्ता उत्पादों का ऑर्डर देना पसंद करता है जो विभिन्न कंपनियों और ब्रांडों को उत्पाद वितरित करते हैं। इसकी वजह ज्यादा क्रेडिट अवधि और हाई-मार्जिन उत्पादों की बिक्री को लेकर केमिस्टों का उत्साह है। इसकी तुलना में, एफएमसीजी उत्पादों का मार्जिन अपेक्षाकृत कम है और ये उत्पाद ज्यादा शेल्फ स्पेस से जुड़े होते हैं।
एचयूएल ने शुरू में कहा था कि वह अपना जीएसके न्यूट्रीशन पोर्टफोलियो की बिक्री प्रत्यक्ष वितरण के जरिये करना चाहती है। गुटका ने कहा कि इससे उत्पाद वितरण के सेमी-होलसेलर रूट को अपनान के मुकाबले इंगेजमेंट स्तर में इजाफा होता है।
वर्ष 2020 में एचयूएल ने जीएसके कंज्यूमर का विलय पूरा किया और उसने ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन से भारत के लिए हॉर्लिक्स खरीदने के लिए 3,045 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।