वेदांत के स्वामित्व वाली हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) | फाइल फोटो
वेदांत के स्वामित्व वाली हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) ने वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही में अपना अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही लाभ दर्ज किया। इसमें चांदी से राजस्व में तेज वृद्धि, धातु कीमतों में मजबूती और कंपनी की पिछले पांच वर्षों में सबसे प्रतिस्पर्धी लागत संरचना का योगदान रहा।
शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 46 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई और यह 3,916 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। परिचालन राजस्व में 27 फीसदी की बढोतरी हुई और यह रिकॉर्ड 10,980 करोड़ रुपये रहा। इस तरह से पहली बार यह आंकड़ा 10,000 करोड़ रुपये के पार निकला। एबिटा में 34 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 6,087 करोड़ रुपये रहा। सोमवार को बीएसई पर एचजेडएल का शेयर 3.74 फीसदी के इजाफे के साथ 661.2 रुपये पर बंद हुआ।
वैश्विक कीमतों में उछाल और उच्च उत्पादन के कारण चांदी से राजस्व सालाना आधार पर 83 फीसदी बढ़कर 2,676 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही मुनाफे में चांदी का हिस्सा 44 फीसदी रहा। यह अब तक का उसका उच्चतम स्तर है। जस्ता, सीसा और अन्य धातुओं से प्राप्त राजस्व 16 फीसदी बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जिससे कुल राजस्व 10,608 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 28 फीसदी अधिक है। सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई।
एचजेडएल विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक कंपनी है और वैश्विक स्तर पर 5 अग्रणी चांदी उत्पादकों में से एक है। कंपनी 40 से अधिक देशों को आपूर्ति करती है और भारत में प्राथमिक जस्ता बाजार में उसकी करीब 77 फीसदी की बाजार हिस्सेदारी है। बिजनेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए कंपनी के सीईओ अरुण मिश्र ने कहा कि कीमतें ऊंची होने से कंपनी चांदी का उत्पादन और बढ़ाने के प्रयासों में तेजी ला रही है।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एलटीआईमाइंडट्री का शुद्ध लाभ 10.5 फीसदी की गिरावट के साथ 971 करोड़ रुपये रहा, जबकि राजस्व 11.6 फीसदी बढ़कर 10,781 करोड़ रुपये हो गया। मझोले आकार की आईटी सेवा फर्म को बैंकिंग वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) और विनिर्माण कारोबारों में सौदों की वजह से राजस्व वृद्धि में मदद मिली।
मुनाफे में गिरावट नए श्रम कानूनों के असर के कारण हुई। इस मद में कंपनी ने 590 करोड़ रुपये रखे थे। हालांकि, दोनों आंकड़े ब्लूमबर्ग के अनुमानों से कम रहे। सीजन के हिसाब से कमजोर समझी जाने वाली दिसंबर तिमाही में, जो छुट्टियों से प्रभावित थी, एलटीआईमाइंडट्री के आंकड़े एचसीएलटेक और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों की तुलना में बेहतर थे।
बीएफएसआई में 2.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। विनिर्माण में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछले साल की तुलना में सिर्फ टेक्नॉलजी बिजनेस में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई। साल के दौरान मिले बड़े सौदों से उत्तर अमेरिका में भी 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के सीईओ और एमडी वेणु लांबू ने कहा, ‘तीसरी तिमाही में हमारा मजबूत प्रदर्शन हमारे प्रमुख एआई आधारित बदलाव, बड़े सौदों में लगातार सफलता और परिचालन उत्कृष्टता का परिणाम है और इसे एक मजबूत और संतुलित पोर्टफोलियो बनाने के हमारे सक्रिय प्रयासों से मदद मिली है।’ कंपनी ने तीसरी तिमाही के दौरान 1,511 कर्मचारियों को नियुक्त किया।