फ्लिपकार्ट ने अप्रेजल के बाद इस साल करीब 250 से 300 कर्मचारियों को जाने के लिए कहा है। जानकार सूत्रों ने बताया कि यह छंटनी कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 2 प्रतिशत है। यह आमतौर पर 1 से 2 प्रतिशत उन कर्मचारियों की संख्या के बराबर है, जिन्हें नियमित प्रदर्शन प्रबंधन के बाद फर्म हटा देती है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड के एक सवाल के जवाब में फ्लिपकार्ट ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट स्पष्ट रूप से निर्धारित उम्मीदों के अनुरूप नियमित प्रदर्शन समीक्षा करती है। इस प्रक्रिया के तहत कुछ कर्मचारी संगठन छोड़ जाते हैं। अलग होने की प्रक्रिया के दौरान हम प्रभावित कर्मचारियों की मदद कर रहे हैं।’ कंपनी में लगभग 20,000 लोग काम करते हैं।
कंपनी की मार्केटप्लेस शाखा फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने वित्त वर्ष 2025 में 20,493 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि शुद्ध घाटा 37 प्रतिशत घटकर 1,494 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 24 से विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई, जब परिचालनगत राजस्व में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। यह लगातार दूसरा ऐसा वर्ष था जब कारोबार में 20 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ।
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पिछले दो वर्षों के दौरान फ्लिपकार्ट ने तय आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले अपने वरिष्ठ नेतृत्व को भी सुव्यवस्थित किया है। कंपनी ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठ उपाध्यक्षों के कैडर को पहले के लगभग 18 से घटाकर एक दर्जन से भी कम कर दिया, जबकि छोड़कर करने वाले शीर्ष प्रमुखों के खाली पदों को भरने के लिए और अधिक विशिष्ट दायित्वों वाले अधिकारियों को चुनिंदा रूप से काम पर रखा।
फ्लिपकार्ट संभावित आईपीओ से पहले नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं को भी मजबूत कर रही है। फ्लिपकार्ट समूह ने हाल में दो वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त किया है। वह अपने मूल कारोबारों का प्रशासन सृदृढ़ करने और उन्हें बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। जेसन चैपल उपाध्यक्ष और समूह नियंत्रक के रूप में शामिल हुए हैं, जबकि आमिर हुसैन को किराने और फ्लिपकार्ट मिनट्स के लिए आपूर्ति श्रृंखला का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
ये नियुक्तियां फ्लिपकार्ट के नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाती हैं, जो इसके विकसित होते स्तर और दीर्घकालिक विकास की महत्त्वाकांक्षाओं के अनुरूप हैं।