facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बाद ARAI ने निर्यात पीएलआई की कागजी कार्रवाई वापस लीसीएट का बड़ा दांव: कैमसो के अधिग्रहण से ऑफ-हाईवे टायर कारोबार को विस्तार देने की तैयारीभीषण गर्मी से मदर डेयरी की बिक्री में 30% से ज्यादा उछाल, आइसक्रीम-दही की मांग बढ़ीCBSE विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला, अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता पद से हटाए गएसुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता वी एस मोहना बनीं शीर्ष अदालत की दूसरी महिला जजनेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा के बीच दिल्ली में हुई बड़ी बैठक, राजनीति में जेनरेशन ज़ेड की भूमिका पर विशेष चर्चाडीके शिवकुमार के लिए कर्नाटक में विकास की रफ्तार बनाए रखना बड़ी चुनौती, आर्थिक मोर्चे पर टिकीं सबकी नजरेंवेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पांच दिवसीय भारत यात्रा कल से, ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोरCBSE और NEET विवाद से डगमगाया कंपनियों का भरोसा, नौकरी के लिए अब देना पड़ सकता है अलग से टेस्टFY26 में केंद्र सरकार का खर्च संशोधित अनुमान से ₹59,690 करोड़ कम, राजकोषीय घाटा कम करने में मिलेगी मदद

AI को काम सौंपकर बोझ कम करना चाह रहे कर्मचारी

Advertisement
Last Updated- June 01, 2023 | 10:36 PM IST
AI

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि करीब 74 फीसदी भारतीय कर्मचारियों को भय सता रहा है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के कारण उनकी नौकरी जा सकती है। लेकिन, 83 फीसदी से अधिक कर्मचारियों का मानना है कि एआई से उनके काम का बोझ कम हो सकेगा।

चार में से तीन भारतीय कर्मचारी एआई की मदद से न केवल प्रशासनिक कार्यों (86 फीसदी) बल्कि विश्लेषणात्मक कार्यों (88 फीसदी) और यहां तक क्रिएटिव कार्य (87 फीसदी) करने में सहज होंगे।

इस बीच, भारतीय कंपनियों में प्रबंधक की भूमिका निभा रहे लोगों की यह कहने की संभावना 1.6 गुना अधिक है कि एआई कर्मचारियों की संख्या कम करने के बजाय उत्पादकता बढ़ाएगी और इससे कार्यक्षेत्र का माहौल भी बढ़िया होगा। ये भारत के लिए माइक्रोसॉफ्ट के वर्क ट्रेंड इंडेक्स 2023 के कुछ निष्कर्ष हैं।

रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि भारत में काम करने वाले 78 फीसदी लोग कार्य के दौरान बगैर किसी व्यवधान के ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। 76 फीसदी से अधिक भारतीय कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय और ऊर्जा नहीं है और उन लोगों की यह कहने की संभावना तीन गुना (3.1) से अधिक है कि उन्हें नवाचार अपनाने में परेशानी हुई।

माइक्रोसॉफ्ट 365 के भीतर एक व्यक्ति अपना 57 फीसदी समय बातचीत करने में बीता देता है और सिर्फ 43 फीसदी समय ही वह कुछ बनाने में व्यतीत करता है।

Advertisement
First Published - June 1, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement