एडुटेक क्षेत्र की कंपनी एमेरिटस ने फंडिंग के नए दौर में 65 करोड़ डॉलर जुटाए हैं जो इस क्षेत्र की किसी कंपनी को मिली सबसे बड़ी फंडिंग में से एक है। इसके साथ ही इसका मूल्यांकन 3.2 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है। अगस्त 2020 में सीरीज-डी फंडिंग के बाद से अब इसका मूल्यांकन करीब चार गुना हो चुका है।
व्यक्तियों, कंपनियों एवं सरकारों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मुहैया कराने के कारोबार में जुटी एमेरिटस को एक्सेल एवं सॉफ्टबैंक ने फंडिंग की है। प्राथमिक एवं द्वितीयक फंडिंग के मिश्रण से यह रकम जुटाई गई है। इस फंडिंग से एमेरिटस खुद को बैजूस, अनएकेडमी, वेदांतु, सिंपलीलर्न, अपग्रेड और एमेजॉन एकेडमी जैसी दूसरी एडुटेक फर्मों के मुकाबले मजबूत बनाने में करेगी। ये कंपनियां भारत के 180 अरब डॉलर आकार वाले विशाल ऑनलाइन शिक्षा कारोबार के बड़े हिस्से पर कब्जे की जद्दोजहद में जुटी हैं। महामारी के दौर में ऑनलाइन शिक्षा के बढ़ते चलन ने उन्हें काफी मजबूती दी है।
एमेरिटस इस रकम का इस्तेमाल साझेदार विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर नए पाठ्यक्रम तैयार करने में करेगी। इससे वह नए उत्पाद एवं उद्योग वर्टिकल बनाने, सरकारों एवं उद्यमों को सेवा देने का विस्तार और नए भौगोलिक इलाकों में पहुंचने का इरादा रखती है।
कंपनी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्याधिकारी अश्विन दमेरा कहते हैं, ‘एमेरिटस सही मायने में एक वैश्विक कंपनी है। हमारी 14 देशों में मौजूद विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों के साथ भागीदारी है और हम दुनिया भर के छात्रों को शिक्षण सामग्री मुहैया कराते हैं। इस फंड से हमें उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को पहुंच में लाने और किफायती दरों पर मुहैया कराने के मिशन में मदद मिलेगी।’
एमेरिटस में किया गया निवेश एक्सेल का सबसे बड़ा एकल एडुटेक निवेश है। सॉफ्टबैंक का विजन फंड 2 भी इस फंडिंग का हिस्सा बना है। चान जकरबर्ग इनिशिएटिव, सिकोया इंडिया, प्रॉसस, बर्टेल्समान एवं लीड्स इलुमिनेट पहले से ही इसके निवेशकों में शामिल हैं।