facebookmetapixel
Aye Finance IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹1,010 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹122-129 पर फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्सइंजन में आग के बाद तुर्की एयरलाइंस का विमान कोलकाता में उतराईंधन नियंत्रण स्विच में कोई खराबी नहीं मिली: एयर इंडियाबोइंग 787 को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ींजयशंकर-रुबियो में व्यापार से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चापीएम मोदी 7–8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर, व्यापार से रक्षा तक द्विपक्षीय सहयोग की होगी समीक्षापूर्व सेना प्रमुख नरवणे के ‘संस्मरण’ पर संसद में तीसरे दिन भी गतिरोधएसआईआर को लेकर ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, वैध मतदाताओं के नाम काटने का लगाया आरोपछात्रों के लिए दिल्ली दुनिया का सबसे सस्ता शहरकई राज्यों के कर्ज पर नियंत्रण रखने में विफल एफआरएल

Vedanta के कारोबार विभाजन के प्रयास जारी, छह नई कंपनियों का गठन होगाः अग्रवाल

वेदांता को अपने कारोबार को अलग करने की योजना के लिए ज्यादातर कर्जदाताओं से मंजूरी मिल गई है।

Last Updated- July 10, 2024 | 6:10 PM IST
Vedanta

वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि कंपनी अपने विभिन्न कारोबार को अलग करने की योजना पर आगे बढ़ रही है, जिससे छह नई कंपनियां बनेंगी और व्यापक मूल्य हासिल किया जा सकेगा। वेदांता को अपने कारोबार को अलग करने की योजना के लिए ज्यादातर कर्जदाताओं से मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी को छह स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना के लिए एक अहम कदम है।

अग्रवाल ने वेदांता के शेयरधारकों की 59वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम अपने कारोबार को अलग करने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। इससे छह सशक्त कंपनियों का निर्माण होगा जिनमें से प्रत्येक अपने-आप में वेदांता होगी। इससे बड़े पैमाने पर मूल्य हासिल होगा।’’

उन्होंने कहा कि अलग होने वाली प्रत्येक इकाई अपनी योजना खुद बनाएगी, लेकिन वेदांता के मूल मूल्यों, इसकी उद्यमशीलता की भावना और वैश्विक नेतृत्व का अनुसरण करेगी।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम एक अद्भुत बदलाव के मुहाने पर खड़े हैं, लिहाजा हमारा जोश चरम पर है। यह विभाजन हमारे सफर को रफ्तार देगा।’’ वेदांता ने सितंबर, 2023 में धातु, बिजली, एल्युमीनियम और तेल एवं गैस कारोबार को अलग करने की घोषणा की थी। इस तरह छह स्वतंत्र कंपनियां- वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मटीरियल्स, वेदांता बेस मेटल्स और वेदांता लिमिटेड बनाई जाएंगी।

Also read: PLI योजना ने दिखाया दम, नए शिखर पर पहुंची टेलीकॉम उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग; बिक्री 50 हजार करोड़ के पार निकली

चेयरमैन ने कहा कि हरेक इकाई को पूंजी आवंटन और उनकी वृद्धि रणनीतियों के संबंध में अधिक स्वतंत्रता होगी। इससे निवेशकों को अपनी पसंद के उद्योगों में निवेश करने की स्वतंत्रता होगी जो वेदांता परिसंपत्तियों के लिए समग्र निवेशक आधार बढ़ाने का काम करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘शेयरधारकों के पास फिलहाल वेदांता लिमिटेड के जितने शेयर हैं, उनमें से प्रत्येक शेयर पर उन्हें पांचों नई सूचीबद्ध कंपनियों का एक-एक शेयर अतिरिक्त रूप से मिलेगा।’’

उन्होंने कहा कि वेदांता के राजस्व का 70 प्रतिशत भविष्य के महत्वपूर्ण खनिजों से आता है और कंपनी इन धातुओं एवं खनिजों का स्थायी रूप से उत्पादन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में 35 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और वह विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल हम तेजी से विस्तार की कोशिशों में लगे हुए हैं। हम लांजीगढ़ में अपनी एल्युमिना रिफाइनरी का क्षमता विस्तार, गोवा में बिचोलिम खदान का संचालन, गुजरात में जया तेल क्षेत्र में उत्पादन शुरू करने वाले हैं।’’

First Published - July 10, 2024 | 6:10 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट