facebookmetapixel
SIP का नया रिकॉर्ड बना तो ब्रोकरेज ने 3 ‘बिग बेट’ चुन लिए- आपकी लिस्ट में हैं क्या?PM Kisan 22th Installment: किसानों के बैंक खातों में कब आएगी अगली किस्त?गिरते बाजार में भी 4% चढ़ा Hotel Stock, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद कर रख लें; ₹200 तक जाएगाBudget 2026: डेट फंड, गोल्ड और होम लोन- एक्सपर्ट्स को बजट में इन सुधारों की उम्मीद2025 में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भारत ने बनाया नया रिकॉर्डअपने या परिवार का पुराना बैंक बैलेंस खोजें अब सिर्फ एक क्लिक में, RBI का ये पोर्टल करेगा आपकी मददAngel One पर बड़ी खबर! इस तारीख को स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड पर फैसला, निवेशकों की नजरें टिकीं₹12 लाख करोड़ का ऑर्डर बूम! BHEL, Hitachi समेत इन 4 Power Stocks को ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिकDMart Share: Q3 नतीजों के बाद 3% चढ़ा, खरीदने का सही मौका या करें इंतजार; जानें ब्रोकरेज का नजरिया10 साल में बैंकों का लोन ₹67 लाख करोड़ से ₹191 लाख करोड़ पहुंचा, लेकिन ये 4 राज्य अब भी सबसे पीछे

जून-जुलाई में आपूर्ति से अधिक रहेगी मांग

Last Updated- December 15, 2022 | 7:57 PM IST

देश की प्रमुख कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजूकी को लगता है कि जून और जुलाई में यात्री कारों की मांग इनकी आपूर्ति से अधिक रहेगी। कंपनी को ऐसा इसलिए लग रहा है क्योकि अपने संयंत्रों में उत्पादन बढ़ाना उसके लिए मुश्किल हो रहा है। कंपनी का कहना है कि उसके संयंत्रों में पूरी क्षमता के साथ उत्पादन नहीं हो पा रहा है इसलिए जून और जुलाई में वह कारों की मांग पूरी नहीं कर पाएगी।
मारुति के चेयरमैन  आर सी भार्गव ने कहा, ‘फिलहाल हम सामान्य क्षमता का 30-40 प्रतिशत उत्पादन ही कर पा रहे हैं। यही हाल रहा तो कंपनी जून और जुलाई में देश में यात्री कारों की मांग पूरी करने की हालत में नहीं होगी। हम जो भी बनाएंगे वह बाजार में खप जाएगा मगर मांग उससे ज्यादा होगी।’
भार्गव ने बताया कि कारों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों के लिए मारुति अपने 370-380 वेंडरों पर निर्भर है और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उसे दूसरी इकाइयों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘अगर वेंडर जरूरत भर का सामान तैयार नहीं कर पाते या कामगारों की कमी आड़े आती है तो हम चाहकर भी उत्पादन नहीं बढ़ा सकते। हमारे लिए इस वक्त बड़ी चुनौती आपूर्ति तंत्र से जुड़ी है।’
भार्गव ने यह भी कहा कि इस वक्त उन्हें कारों पर छूट नहीं देनी पड़ रही है क्योंकि आपूर्ति से कहीं ज्यादा मांग है। लेकिन उन्होंने कहा कि जुलाई के बाद किस तरह का माहौल रहेगा, उसका वह अंदाजा नहीं लगा सकते। उन्होंने इस पर भी कुछ नहीं कहा कि मौजूदा बिक्री वास्तविक मांग के कारण है या लॉकडाउन के कारण रुकी खरीदारी की वजह से है।
कार कंपनियों के संगठन सायम के अनुसार मई में मारुति ने 18,539 वाहन बेचे थे, जिनमें 13,865 घरेलू बाजार में बिके थे। लॉकडाउन की वजह से कंपनी अप्रैल में एक भी वाहन नहीं बेच पाई थी। पिछले वर्ष के मुकाबले घरेलू बाजार में बिक्री का आंकड़ा 88 प्रतिशत गिर गया है, लेकिन भार्गव से ज्यादा तवज्जो नहीं देते। उन्होंने कहा कि आंकड़े निराश नहीं कर रहे क्योंकि बिक्री धीरे-धीरे जोर पकड़ेगी।
इस बीच ग्राहक महंगी कारों में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जो अच्छा संकेत हो सकता है। स्कोडा इंडिया के अनुसार जून के पहले आठ दिनों में 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली उसकी औसतन 50 कारें बुक हुई हैं। कंपनी ने 26 मई से उत्पादन शुरू किया था और मई के आखिरी पांच दिनों में उसने  508 कार बेच डालीं। मारुति ने अपने मानेसर संयंत्र में 12 मई से उत्पादन शुरू किया था और उसके छह दिन बाद गुरुग्राम संयंत्र भी खोल दिया था।

First Published - June 9, 2020 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट