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ट्रैक्टरों की मांग दमदार रहने के आसार

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:42 AM IST

बीएस बातचीत
किसानों की अच्छी कमाई, खरीफ की अधिक बुवाई और सरकारी योजनाओं पर होने वाले खर्च से ट्रैक्टरों की बिक्री लगातार बढ़ रही है। महिंद्रा समूह की इकाई महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट सेक्टर (एफईएस) ने जुलाई में घरेलू बाजार में दमदार बिक्री दर्ज की है। एफईएस के अध्यक्ष हेमंत सिक्का ने टीई नरसिम्हन से बातचीत में कहा कि दिसंबर से ही बिक्री में सुधार दिखने लगा था। पेश हैं मुख्य अंश:

ट्रैक्टरों की बिक्री को किन कारकों से रफ्तार मिल रही है?
यह ट्रैक्टरों के लिए पीक सीजन है। किसानों के पास नकदी की उपलब्धता, खरीफ की अच्छी बुवाई, समय पर बारिश एवं सामान्य मॉनसून और ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित सरकारी खर्च जारी रहने के कारण पैदा हुई सकारात्मक धारणा के बल पर दमदार मांग की रफ्तार बरकरार रही। हालांकि पूरे वर्ष के लिए लक्ष्य जारी करना फिलहाल जल्दबाजी होगी। लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में मांग कहीं अधिक बेहतर होगी।

ऋण के जरिये कितनी बिक्री हो रही है?
करीब 75 फीसदी ट्रैक्टरों की बिक्री फाइनैंस के जरिये हुई है। फाइनैंस के लिए हमने काफी अच्छा तालमेल कर रखा है जो मई से शुरू होकर जून और जुलाई तक बरकरार रहता है।

क्षमता उपयोगिता की क्या स्थिति है? क्या आप आपूर्ति शृंखला संबंधी व्यवधान से निपटने में सफल रहे?
करीब 95 फीसदी क्षमता पर ट्रैक्टरों का उत्पादन हो रहा है। लेकिन कुछ शहरों में स्थानीय तौर पर लॉकडाउन लागू होने से आपूर्ति शृंखला बाधित हो रही है। इससे मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। हमारे 90 फीसदी से अधिक डीलरों का परिचालन सुचारु हो चुका है।

क्या आप नए निवेश की योजना बना रहे हैं?
हम एक जबरदस्त पूंजीगत खर्च को पूरा कर रहे हैं। के2 एक बड़ा निवेश है और इसका अधिकांश हिस्सा चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा जबकि कुछ हिस्सा बचा रहेगा जिसे वित्त वर्ष 2021-22 से पहले पूरा कर लिया जाएगा। (के2 परियोजना के तहत कंपनी ट्रैक्टरों की नई शृंखला के साथ एक नया प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है ताकि बाजार में अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके। इसे जापान की कंपनी मित्सुबिशी के साथ मिलकर विकसित किया गया है।) कंपनी ने स्वराज ट्रैक्टर्स में निवेश के अलावा हाल के दिनों में इंजन में भी निवेश किया है। इसलिए, ऐसा नहीं है कि हम भविष्य के उत्पादों से समझौता कर रहे हैं। हम केवल इतना कहना चाहते हैं कि इस चक्र में हम शीर्ष पूंजीगत खर्च को पूरा कर रहे हैं। हम नई प्रौद्योगिकी के साथ क्षमता हासिल कर रहे हैं और इसके जरिये कृषि उपकरणों की एक व्यापक शृंखला तैयार करने पर काम कर रहे हैं।

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First Published - August 7, 2020 | 12:08 AM IST

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