facebookmetapixel
Advertisement
बाजार में दमदार वापसी! सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा, कच्चे तेल ने दिया सहाराSIP की बेस्ट डेट कौन-सी है? Market Crash में SIP रोकें या जारी रखें?राष्ट्रपति भवन, संसद बनाने वाली CPWD अब क्यों नहीं रही सरकार की पहली पसंद?Auto Sales June 2026: यात्री वाहनों की बिक्री ने जून में पकड़ी रफ्तार, 4 लाख यूनिट से ज्यादा रहने का अनुमानEdelweiss MF की बड़ी कामयाबी, इक्विटी AUM ₹1 लाख करोड़ के पार; SIP बुक ₹690 करोड़WhatsApp के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार की नजर, फर्जी पहचान और धोखाधड़ी का बढ़ा खतरादिल्ली को मिलेगी 6-लेन टनल, द्वारका एक्सप्रेसवे से वसंत कुंज तक सफर होगा आसान, ₹6,970 करोड़ की परियोजना मंजूरभारतीय बाजार कमजोर नहीं, SIP जारी रखें; राधिका गुप्ता ने दिया निवेश का बड़ा मंत्रक्या महिलाएं ब्रांड देखकर चुनती हैं म्युचुअल फंड? रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासेEPFO Portal Down: PF क्लेम अटका, पासबुक नहीं होगी डाउनलोड; जानें कब बहाल होंगी सेवाएं

Dassault Aviation ने DRAL में बढ़ाई हिस्सेदारी, नागपुर बनेगा फाल्कन जेट असेंबली हब

Advertisement

Dassault Aviation ने डीआरएएल में हिस्सेदारी 51% कर ली, नागपुर मिहान प्लांट से फाल्कन जेट असेंबली लाइन शुरू कर भारत में एयरोस्पेस सेक्टर में बड़ा निवेश बढ़ाया

Last Updated- September 05, 2025 | 10:04 PM IST
Dassault
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

फ्रांस की एरोस्पेस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी दसॉ एविएशन ने दसॉ रिलायंस एरोस्पेस लिमिटेड (डीआरएएल) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए समझौता किया है। यह रिलायंस एरोस्ट्रक्चर लिमिटेड (आरएल) के साथ उसका संयुक्त उद्यम है, जो बीएसई पर सूचीबद्ध रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहायक कंपनी है।

इस समझौते के तहत आरएएल फ्रांस की दसॉ एविएशन को लगभग 175.96 करोड़ रुपये में 2 प्रतिशत इक्विटी का हस्तांतरण करेगी। यह 

रा​शि स्वतंत्र मूल्यांकन पर आधारित है और मूल्यांकन में नियंत्रण प्रीमियम भी शामिल है। इस सौदे के बाद आरएएल की हिस्सेदारी घटकर 49 प्रतिशत रह जाएगी और डीआरएएल रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सहयोगी कंपनी से दसॉ एविएशन की सहायक कंपनी बन जाएगी। आर-इन्फ्रा ने बताया कि इस बदलाव से भारत और विदेशों में ग्राहकों के लिए गारंटी, वारंटी और दीर्घकालिक सेवा प्रतिबद्धता सुनिश्चित होगी। 

दसॉ एविएशन का बाजार पूंजीकरण 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक और नकद भंडार 80,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह राफेल लड़ाकू विमान तथा फाल्कन बिजनेस जेट की विनिर्माता और इंटीग्रेटर है। कंपनी ने हाल में डीआरएएल को फाल्कन विमानों के लिए अपना वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) नामित किया है। उसने नागपुर के मिहान में डीआरएएल की इकाई में फ्रांस के बाहर फाल्कन जेट के लिए अपनी पहली फाइनल असेंबली लाइन (एफएएल) शुरू करने की योजना का भी ऐलान किया। 

फाल्कन श्रृंखला दुनिया भर में सबसे सफल बिजनेस एक्जीक्यूटिव जेट में से एक है और दसॉ एविएशन के पास 30 जून, 2025 तक 75 विमानों का ऑर्डर है। आरएएल ने साल 2017 में दसॉ डीआरएएल के साथ साझेदारी की थी। बाद में उसी वर्ष मिहान में एक विनिर्माण इकाई की स्थापना के साथ परिचालन शुरू हुआ। साल 2019 में अपना पहला फाल्कन 2000 फ्रंट सेक्शन डिलिवर करने के बाद से डीआरएएल फाल्कन 2000 के लिए 100 से अधिक प्रमुख उप-खंडों की एसेंबलिंग कर चुकी है।

जून 2025 में दसॉ एविएशन ने वैश्विक बाजारों के लिए भारत में फाल्कन 2000 बिजनेस एक्जीक्यूटिव जेट बनाने के लिए आरएएल के साथ साझेदारी की थी। उसी महीने रिलायंस डिफेंस ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अगली पीढ़ी के टर्मिनली गाइडेड म्यूनिशन (टीजीएम) का उत्पादन करने के लिए जर्मनी की डाइहल डिफेंस के साथ गठजोड़ किया था।

Advertisement
First Published - September 5, 2025 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement