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CCI Probe Case: Zomato, Swiggy ने मीडिया रिपोर्ट को बताया भ्रामक, कहा- आयोग ने अभी नहीं दिया है अंतिम आदेश

CCI की जांच पर दोनों कंपनियों ने मीडिया की उन खबरों को ‘भ्रामक’ करार दिया जिसमें Zomato, Swiggy की ओर से कुछ रेस्तरां भागीदारों को कथित तरजीह देने की बात कही गई है।

Last Updated- November 11, 2024 | 12:06 PM IST
Swiggy Zomato Delivery Partners Strike

Zomato, Swiggy on CCI Probe Case: प्रतिस्पर्धा रोधी गतिविधियों के लिए CCI की जांच का सामना कर रहे ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने दावा किया है कि वह देश के कानूनों का अनुपालन करती है, जबकि स्विगी का कहना है कि वह स्थानीय नियमों का अनुपालन करने को प्रतिबद्ध है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की जांच पर दोनों कंपनियों ने मीडिया की उन खबरों को ‘भ्रामक’ करार दिया जिसमें Zomato, Swiggy की ओर से कुछ रेस्तरां भागीदारों को कथित तरजीह देने की बात कही गई है। दोनों प्लेटफॉर्म ने कहा कि सीसीआई ने अनफेयर ट्रेड प्रे​​क्टिसेस के मामले पर अभी तक अपना अंतिम आदेश पारित नहीं किया है।

जोमैटो ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, सीसीआई ने 4 अप्रैल 2022 को एक ‘प्रथम दृष्टया ’ आदेश जारी किया था, जिसमें आयोग के महानिदेशक के कार्यालय को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच करने का निर्देश दिया गया। कंपनी ने कहा, 5 अप्रैल 2022 की सूचना के बाद से आयोग ने गुण-दोष के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया है। जोमैटो ने सूचना में कहा, ‘‘उपर्युक्त खबर भ्रामक है। हम आयोग के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हमारी सभी ट्रेड प्रे​क्टिसेस प्रतिस्पर्धा अधिनियम के अनुरूप हैं और उनका भारत में प्रतिस्पर्धा पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है।’’

दूसरी ओर स्विगी ने बयान में कहा, उसके खिलाफ सीसीआई की जांच से जुड़ी मीडिया की खबर जांच प्रक्रिया और फाइनल रिजल्ट को भ्रमित करती हैं। बयान के मुताबिक, ‘‘सीसीआई के पांच अप्रैल 2022 के आदेश के आधार पर महानिदेशक ने हमारे कारोबर के ऑपरेशन के कुछ पहलुओं की जांच की। इसकी जांच और मार्च 2024 की रिपोर्ट सीसीआई की ओर से जारी जांच में एक शुरुआती कदम है, न कि फाइनल ​निणर्य जैसा कि कुछ खबरों में दावा किया गया है।’’ कंपनी ने कहा कि महानिदेशक के नतीजों पर जवाब फाइल करने के लिए उसे अभी तक सीसीआई से निष्कर्षों का गोपनीय ब्योरा नहीं मिला है। उसने कहा, ‘‘एक बार जब स्विगी अपना जवाब दे देगी और सीसीआई इस मामले पर सुनवाई करेगी… फिर सीसीआई इस पर अपना फैसला पारित करेगी कि क्या कोई प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन हुआ या नहीं। वर्तमान में यह प्रारंभिक चरण में है और 2022 से स्विगी की प्रथाओं के संबंध में कोई अंतिम निर्णय या आदेश जारी नहीं किया गया है।’’

जांच में पूरा सहयोग: Swiggy

स्विगी ने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है और देश के मौजूदा कानूनों का पालन करने के लिए कमिटेड है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, सीसीआई की जांच में पाया गया कि दोनों फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म अनफेयर ट्रेड प्रे​क्सिटेसस में लिप्त हैं जिसमें कुछ भागीदार रेस्तरों को कथित रूप से तरजीह देना भी शामिल है। सीसीआई ने अप्रैल 2022 में विस्तृत जांच का आदेश दिया था और जांच रिपोर्ट इस साल की शुरुआत में नियामक को सौंप दी गई थी। मानकों के तहत सीसीआई महानिदेशक की रिपोर्ट संबंधित पक्षों के साथ साझा की गई है और बाद में, उन्हें नियामक द्वारा सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। सभी की राय और स्पष्टीकरण एकत्र करने के बाद नियामक अंतिम आदेश पारित करेगा। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) की शिकायत के बाद दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू करने का फैसला लिया गया था।

First Published - November 11, 2024 | 12:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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