facebookmetapixel
30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकस

बिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण में उद्योग का नजरिया सकारात्मक: निवेश और रोजगार पर रहेगा जोर

भारतीय उद्योग जगत के सीईओ ब्याज दरों में तेजी, कमजोर मांग और कर्मचारी बनाए रखने को मान रहे चुनौती

Last Updated- January 02, 2023 | 7:49 PM IST
investment

भारतीय कंपनियां नए साल में निवेश बढ़ाने, क्षमता में विस्तार, अ​धिग्रहण के साथ-साथ नियुक्तियों को रफ्तार देने की योजना बना रही हैं। भारतीय उद्योग जगत के मुख्य कार्या​धिकारियों (सीईओ) के एक सर्वेक्षण से यह खुलासा हुआ है। मगर सीईओ ने कीमतों में तेजी, उपभोक्ता मांग में नरमी और बढ़ती ब्याज दरों को नए साल की प्रमुख चुनौती माना और कहा कि इनसे उनकी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

बिज़नेस स्टैंडर्ड द्वारा वि​भिन्न उद्योगों के 35 सीईओ के बीच कराए गए इस सर्वेक्षण में 97 फीसदी ने कहा कि कंपनियां 2023 में क्षमता विस्तार पर निवेश करेंगी क्योंकि उनकी मौजूदा क्षमता उपयोगिता शीर्ष स्तर पर पहुंच चुका है। करीब 88.6 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे नए साल में नियु​क्तियां बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

खबरों के अनुसार टाटा समूह ने अगले पांच वर्षों में 90 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है, जिसमें अक्षय ऊर्जा में 10 अरब डॉलर का निवेश भी शामिल है। अदाणी समूह ने हरित ऊर्जा से संबं​धित अपने विभिन्न कारोबार में 2030 तक 100 अरब डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अगले तीन वर्षों में केवल अक्षय ऊर्जा में ही 10 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। 

बैंकरों का कहना है कि नए साल में वि​भिन्न कारोबारी समूह विलय एवं अ​धिग्रहण के जरिये क्षमता विस्तार पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। रिन्यू पावर ने 35,000 करोड़ रुपये के नए पूंजीगत निवेश की घोषणा की है। इसी प्रकार वेदांत समूह ने ताइवान की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी फॉक्सकॉन के साथ मिलकर 20 अरब डॉलर के निवेश से गुजरात में सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है।

लगभग 80 फीसदी सीईओ का कहना है कि अर्थव्यवस्था को सहारा देने में आगामी केंद्रीय बजट की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का यह अंतिम बजट है। एक बुनियादी ढांचा कंपनी के सीईओ ने कहा, ‘सही कराधान, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र में आय बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार दिखेगा।’

सितंबर 2022 तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.3 फीसदी वृद्धि हुई, जो इससे पिछली तिमाही के 13.5 फीसदी के मुकाबले काफी कम है। दिसंबर के आरंभ में भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपना वृद्धि अनुमान 7 फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया था।

एक पूंजीगत वस्तु फर्म के सीईओ ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘रूस-यूक्रेन युद्ध और भू-राजनीतिक कारणों से वैश्विक बाजारों में नरमी दिख रही है। लेकिन भारतीय बाजार वित्त वर्ष 2023 के लिए 6.9 फीसदी की आ​र्थिक वृद्धि के साथ अच्छी ​स्थिति में है। इस लिहाज से भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी लचीलापन है।’ सर्वेक्षण में शामिल 65.7 फीसदी सीईओ ने नए साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई। हालांकि सीईओ ने कहा कि नए साल में ब्याज दरों में वृद्धि, कमजोर मांग और कर्मचारियों  को बनाए रखने की चुनौती बड़ी होगी।

एक अन्य सीईओ ने कहा, ‘निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है कि महंगाई का दबाव कम हो और ब्याज दरों में नरमी आए।’ मगर सर्वेक्षण में शामिल आधे से अधिक सीईओ को लगता है कि नए साल में आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाएगा। 62.9 फीसदी सीईओ ने कहा कि आरबीआई/ सरकार ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। खाद्य उत्पाद बनाने वाली एक कंपनी के सीईओ ने कहा कि इनपुट लागत में नाटकीय वृद्धि अप्रत्या​शित रही है। उन्होंने कहा, ‘कारोबार चलाना काफी चुनौतीपूर्ण है  क्योंकि महंगाई के कारण खपत में काफी गिरावट आई है।’

80 फीसदी सीईओ ने उम्मीद जताई कि साल 2023 के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में ​स्थिरता आएगी। अ​धिकतर सीईओ का मानना था कि रुपया 81 से 85 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में रहेगा। सर्वेक्षण में शामिल सीईओ ने उम्मीद जताई कि नए साल में शेयर बाजार का प्रदर्शन दमदार रहेगा। 62.9 फीसदी सीईओ ने कहा कि बीएसई सेंसेक्स में वृद्धि जारी रहेगी। 43 फीसदी सीईओ का मानना था कि सेंसेक्स 61,000 से 65,000 के दायरे में रहेगा और 45.7 फीसदी का मानना था कि सेंसेक्स 65,000 के पार जाएगा।

जीक्वांट इन्वेस्टेक के संस्थापक शंकर शर्मा ने 22 दिसंबर को मुंबई में आयोजित बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई समिट में कहा था, ‘डॉलर के लिहाज से भारतीय शेयरों ने 2020 में कोविड-19 से पहले करीब 12-13 साल तक नकारात्मक रिर्टन दिया था। वै​श्विक महामारी के बाद रिटर्न अच्छा रहा। बाजार का रुख चक्रीय होता है। हमें अच्छी चीजों को लेकर रोमांचित होना चाहिए और शेष को नजरअंदाज कर देना चाहिए।’ सर्वेक्षण में शामिल 82.9 फीसदी सीईओा ने कहा कि साल 2023 में वे 20 फीसदी से अधिक वेतन वृद्धि नहीं करेंगे। 40 फीसदी सीईओ का मानना था कि साल 2023 में कंपनी की आय वृद्धि 20 फीसदी से कम रहेगी।

 

First Published - January 1, 2023 | 9:20 PM IST

संबंधित पोस्ट