आर्सेलरमित्तल का ग्रीनको संग करार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 8:37 PM IST

इस्पात बनाने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी आर्सेलरमित्तल ने एक परियोजना के लिए भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ग्रीनको ग्रुप के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस परियोजना से आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) को कार्बन उत्सर्जन एवं बिजली लागत घटाने में मदद मिलेगी।
इस साझेदारी के तहत कहा गया है कि दोनों कंपनियां 975 मेगावॉट की सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए साथ मिलकर काम करेंगी। ग्रीनको की हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट द्वारा समर्थित 60 करोड़ डॉलर की यह परियोजना आर्सेलरमित्तल के स्वामित्व एवं वित्त पोषण वाली होगी। ग्रीनको दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश में इस नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र के लिए डिजाइन, निर्माण एवं परिचालन करेगी। भारत में आर्सेलरमित्तल का संयुक्त उद्यम एएम/एनएस इंडिया इस परियोजना से सालाना 250 मेगावॉट नवीकरणीय बिजली खरीदने के लिए आर्सेलरमित्तल के साथ 25 वर्षों के लिए करार करेगी।
यह परियोजना के 2024 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है और पारेषण पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जरिये किया जाएगा।
बयान के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप एएम/एनएस इंडिया के हजीरा संयंत्र में 20 फीसदी से अधिक बिक्री की जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी होंगी और कार्बन उत्सर्जन में सालाना करीब 15 लाख टन की कमी आएगी।
इस परियोजना से एएम/एनएस इंडिया को दोतरफा फायदा होगा। एक ओर इससे कंपनी की बिजली लागत में कमी आएगी तो दूसरी ओर इससे कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही यह आर्सेलरमित्तल को निवेश पर एक आकर्षक रिटर्न भी उपलब्ध कराएगी।
एएम/एनएस इंडिया में आर्सेलरमित्तल की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। साल 2019 में एक दिवालिया प्रक्रिया के तहत उसने निप्पॉन स्टील के साथ मिलकर एस्सार स्टील का अधिग्रहण किया था और संयुक्त उद्यम को एएम/एनएस इंडिया नाम दिया था। आर्सेलरमित्तल के सीईओ आदित्य मित्तल ने कहा, ‘यह आर्सेलरमित्तल के लिए एक आकर्षक अवसर है। हम एक परियोजना में बेहद अनुभवी ऊर्जा संक्रमण कंपनी के साथ साझेदारी कर रहे हैं जो हमारी संयुक्त उद्यम कंपनी एएम/एनएस इंडिया को बिजली लागत और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करेगी। साथ ही यह परियोजना आर्सेलरमित्तल को गारंटी के साथ लगातार रिटर्न उपलब्ध कराएगी।’
वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में इस्पात उद्योग 7 से 9 फीसदी का योगदान करता है और दुनिया भर की कंपनियां कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए अपने लक्ष्य निर्धारित कर रही हैं। आर्सेलरमित्तल ने करीब 10 अरब डॉलर की अनुमानित लागत के साथ 2030 तक 25 फीसदी कार्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
ग्रीनको के सीईओ एवं एमडी अनिल कुमार चलामालासेट्टी ने कहा, ‘यह दुनिया की अग्रणी इस्पात विनिर्माता के साथ एक प्रमुख साझेदारी है और हम उम्मीद करते हैं कि यह भारत में बड़े पैमाने पर इस्पात विनिर्माण के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग का एक खाका तैयार करेगी।’

First Published : March 22, 2022 | 11:11 PM IST