facebookmetapixel
Advertisement
तेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमणसरकार का बड़ा फैसला: पीएनजी नेटवर्क वाले इलाकों में नहीं मिलेगा एलपीजी सिलिंडर

Air India crash: बोइंग 787 की सुरक्षा जांच बढ़ाने के आदेश, ब्लैक बॉक्स मिला; PM मोदी ने हादसे की जगह का दौरा किया

Advertisement

हर उड़ान के भारत से बाहर जाने के पहले कुछ खास जांचें करनी जरूरी हैं। इनमें फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग सिस्टम, केबिन एयर कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।

Last Updated- June 13, 2025 | 11:16 PM IST
Air India Plane Crash

एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद देश के विमानन नियामक डीजीसीए ने शुक्रवार को आदेश दिया कि कंपनी के पूरे बोइंग 787-8 और 787-9 बेड़े की सुरक्षा जांच तत्काल बढ़ाई जाए। गुरुवार को हुए विमान हादसे में विमान में सवार 241 लोगों के साथ 24 अन्य लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार दोपहर में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर भी बरामद कर लिए गए जिन्हें ब्लैक बॉक्स के नाम से जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को हादसे की जगह का दौरा किया और एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने घायलों से भी मुलाकात की। एयर इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने भी दुर्घटना स्थल का दौरा किया।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने अहमदाबाद में हवाई दुर्घटना के 28 घंटे के भीतर ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक्स पर लिखा, ‘यह जांच के लिहाज से एक अहम कदम है। इससे घटना की जांच में काफी मदद मिलेगी।’

गुरुवार की दोपहर लंदन के गैटविक जा रहा एयर इंडिया का यह विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद रिहाइशी इलाके में गिर गया। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई। इस बोइंग 787-8 विमान में जनरल इलेक्ट्रिक के जीईएनएक्स इंजन लगे हुए थे।

शुक्रवार को अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने वॉशिंगटन डीसी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बोइंग 787 के बेड़े को उड़ान भरने से रोकना ‘बहुत अपरिपक्व’ कदम होगा। शुक्रवार को ही जारी एक निर्देश में डीजीसीए ने एयर इंडिया को आदेश दिया कि वह बोइंग 787-8 और 787-9 के जीईएनएक्स इंजन वाले समूचे बेड़े की गहन जांच करे। यह जांच रविवार से आरंभ होनी है।

निर्देश में कहा गया कि हर उड़ान के भारत से बाहर जाने के पहले कुछ खास जांचें करनी जरूरी हैं। इनमें फ्यूल पैरामीटर मॉनिटरिंग सिस्टम, केबिन एयर कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।

फ्यूल पैरामीटर सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि इंजन तक सही ढंग से ईंधन पहुंचे। वह इसमें किसी भी खामी को चिह्नित करता है। केबिन एयर कंप्रेसर केबिन के दबाव और हवा के प्रवाह का ध्यान रखता है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम इंजन की स्थिति की जांच के लिए जरूरी है। निर्देशों में इंजन के फ्यूल ड्रिवेन एक्चुएटर और ऑयल सिस्टम की परिचालन जांच को भी जरूरी किया गया है। ये दोनों जांचें इंजन कलपुर्जों के सही काम करने और उचित लुब्रिकेशन और कूलिंग के लिए जरूरी हैं।

एविएशन एनालिटिक्स फर्म सीरियम के अनुसार एयर इंडिया के पास 34 बोइंग 787 विमान हैं जिन्हें ड्रीम लाइनर भी कहा जाता है। उसके पास 787-8 और 787-9 दोनों तरह के विमान शामिल हैं। कंपनी ने 20 और ड्रीमलाइनर विमानों का ऑर्डर दिया है। एयर इंडिया के बेड़े में कुल मिलाकर 190 विमान हैं। इन विमानों की औसत आयु 8.4 वर्ष है। सीरियम के अनुसार विश्व स्तर पर फिलहाल 1,148 बोइंग 787 विमान सेवारत हैं जिनकी औसत आयु 7.5 साल है।

डीजीसीए ने यह भी कहा कि लैंडिंग गियर, ब्रेकिंग सिस्टम जैसे अहम कामों को अंजाम देने वाले हाइड्रोलिक सिस्टम और फ्लाइट कंट्रो सरफेस मसलन फ्लैप और रड्‌डर्स की भी व्यापक जांच की जाए ताकि पता चल सके कि वे पूरी तरह काम कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा एयर इंडिया को विमानों के उड़ान भरने के आंकड़ों की भी विस्तृत समीक्षा करनी होगी ताकि इंजन के प्रदर्शन, विमान के भार आकलन या पर्यावरण संबंधी कारकों (जो सुरक्षित उड़ान को प्रभावित कर सकते हैं) में किसी विसंगति का पता लगाया जा सके।

डीजीसीए ने फ्लाइट कंट्रोल जांच को भी हर ट्रांजिट जांच में शामिल करने का आदेश दिया। यह जांच विमान के आगमन और आगामी प्रस्थान के बीच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बात की अनदेखी नहीं हुई।

कहा गया है कि इंजन पूरी गति से काम कर रहे हैं या नहीं इसके लिए जरूरी पॉवर एश्याेरेंस चेक्स दो सप्ताह के भीतर हो जाने चाहिए। इसके अलावा एयर इंडिया से कहा गया है कि वह विगत 15 दिनों की उन तकनीकी खामियों को ठीक करे जो बार-बार सामने आ रही हैं। सभी जांच रिपोर्ट समीक्षा के लिए डीजीसीए के पास जाएंगी। नियामक के क्षेत्रीय कार्यालयों से कहा गया है कि वे अनुपालन सुनिश्चित करें।

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे की जगह का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के परिजनों से भी भेंट की। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘हम सभी अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से दुखी हैं। इस तरह अचानक इतनी जानों के जाने का दुख शब्दों से परे है। सभी पीड़ित परिवारों को संवेदनाएं। हम उनका दुख समझते हैं और जानते हैं कि उनकी कमी आने वाले सालों तक महसूस होगी। ओम शांति।’

मोदी ने विमान में सवार इकलौते जिंदा बचे शख्स सहित घायलों से मुलाकात के बाद लिखा, ‘मैंने अहमदाबाद विमान हादसे में बचे इकलौत विमान सवार सहित अन्य घायलों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में हम उनके तथा उनके परिजनों के साथ हैं। पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना कर रहा है।’उन्होंने अहमदाबाद हवाई अड्‌डे पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी तथा एएआईबी के लोग, एयर इंडिया के प्रतिनिधि तथा राज्य सरकार के अधिकारी शामिल थे।

प्रधानमंत्री ने विजय रूपाणी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ दशकों के रिश्ते को याद करते हुए लिखा, ‘यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि विजय भाई हमारे बीच नहीं हैं। मैं उन्हें दशकों से जानता था। हमने कंधे से कंधा मिलाकर साथ काम किया। विजय भाई एक विनम्र और मेहनती व्यक्ति थे और पार्टी की विचारधारा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध थे।’

विमान का ब्लैक बॉक्स अब एएआईबी के पास है और वह जल्दी ही उसका विश्लेषण करके दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेगा। सीरियम ने कहा कि दुर्घटना के शिकार बोइंग 787-8 विमान ने 14 दिसंबर 2013 को पहली बार उड़ान भरी थी और उसे 28 जनवरी 2014 को एयर इंडिया को दिया गया था। उसने यह भी बताया कि विमान ने पिछले साल 700 यात्राएं की थी जो इस आयु और इस प्रकार के विमान के लिए आम है। एयर इंडिया हादसे के बाद जापान ने भी बोइंग 787 के परिचालन की निगरानी बढ़ा दी है।

शुक्रवार को देश के परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने जापानी विमान सेवाओं को कहा है कि वे अपने बोइंग 787 विमानों की जांच करें। यह निर्देश निप्पॉन एयरवेज, जापान एयरलाइंस और उसकी किफायती सेवा जिपएयर टोक्यो पर लागू होते हैं। ये निर्देश इंजन और विमान के ढांचे दोनों पर लागू हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उसकी इन विमानों की उड़ान रोकने की कोई योजना नहीं है।

Advertisement
First Published - June 13, 2025 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement