facebookmetapixel
Advertisement
Bank Holiday Alert: अगस्त में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्टसिगरेट कारोबार को झटका, मगर FMCG ने संभाला ITC; क्या बदल रही है कंपनी की असली पहचान?Stocks To Watch Today: Adani Group से लेकर LIC और Paytm तक, आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजरसरकार लाई नया Tax Amendment Bill, गिफ्ट सिटी, विदेशी निवेश कोष और डेटा सेंटर को मिलेंगी टैक्स में छूटManufacturing PMI जुलाई में पांच साल के निचले स्तर पर, कमजोर मांग और बिक्री से सुस्त पड़ा विनिर्माण क्षेत्रFCNR(B) जमा बढ़ने से बैंकों की CD पर निर्भरता घटी, जुलाई में 95 हजार करोड़ रुपये जुटाएकांग्रेस ने मुझे रोका नहीं होता तो मैं भारत का मूल सुधारक होता, 1991 के बजट भाषण में मेरे बजट के कई अंश: यशवंत सिन्हासड़क हादसे रोकने के लिए सरकार का बड़ा कदम, नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों में V2V सिस्टम होगा जरूरीटैक्स दबाव के बाद आईटीसी में सुधार के संकेत, शेयर 4% चढ़कर पहुंचा ₹292.50छात्र प्रदर्शन मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख किया साफ, गंभीर अपराध छोड़ बाकी छात्रों को मिलेगी राहत

भारत में 2 नए बीयर ब्रांड

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 4:23 PM IST

भारतीय बीयर बाजार में दो नई कंपनियां कदम रखने वाली हैं। सिंगापुर स्थित एशिया पैसिफिक ब्रीवरीज (एपीबी) ने अपने दो अंतरराष्ट्रीय ब्रांड टाइगर और हाइनकेन को भारतीय बीयर बाजार में उतारने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी भारत में संयंत्र लगाने के लिए सही जगह की तलाश कर रही है।
अभी तक कंपनी की ये दोनो ब्रांड भारत में आयात के जरिए सिर्फ होटलों में मिलते हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने भारतीय ब्रांड आरलेम को फिर से लाँच करने का फैसला किया है । कंपनी ने भारत के औरंगाबाद में अपनी सहायक कंपनी स्थापित करने के बाद ही इसका उत्पादन बंद कर दिया था।
सिंगापुर क्लस्टर्स के महाप्रबंधक जेम्स वोंग ने बताया कि- हम भारत में अपने लिए मौजूद अवसरों पर निगाह गढ़ाए हुए हैं। कंपनी भारत में अपनी मौजूदगी को और बढ़ाने के लिए तैयार है। हमें पूरा यकीन है कि अगले पांच सालों में हम भारत के बीयर बाजार की पहली तीन कंपनियों में शामिल हो जाऐंगे।
भारत में अपनी ग्रीनफील्ड कंपनी लगाने के लिए काम शुरू करने के बाद भी एपीबी की निगाह अधिग्रहण करने पर भी लगी हुई है। भारत में एपीबी का दो कंपनियों में बड़ा हिस्सा है। हैदराबाद में स्थित कंपनी सालाना  60 लाख केस (एक केस में 12 बोतलें) बनाने की क्षमता रखती है। दूसरी कंपनी औरंगाबाद में स्थित है और इसकी क्षमता सालाना 50 लाख केस बनाने की है।
ज्यादा मुनाफा और निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए एपीबी ने हाल ही में इन दोनों कंपनियों में निवेश भी किया था। इसमें से कंपनी ने 72 करोड़ रुपये औरंगाबाद में और 80 करोड़ रुपये हैदराबाद में निवेश किए थे। कंपनी ने बंद पड़ी अपनी गोवा बू्रअरी को भी फिर से शुरू करने का फैसला किया है। अपनी मशहूर ब्रांड बैरन को कई चरणों में भारत में उतारने के बाद कंपनी को भरोसा है कि अगले तीन सालों में वह समूचे भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगी।
भारतीय बीयर बाजार में तो अभी विजय माल्या के यूबी समूह की तूती बोलती है। यूबी समूह की मुख्य ब्रांड किंगफिशर का भारत में कोई मुकाबला नही है। बडवीजर, कार्ल्सबर्ग, कोबरा और बैक जैसी वैश्विक कंपनियों की भारतीय बीयर बाजार में मात्र 12 फीसदी की हिस्सेदारी है। अभी भारत में सालाना 1,370 लाख केसों की मांग है और 2012 तक यह आंकड़ा 3,000 लाख तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
एपीबी बीयर दिग्गज हेनेकेन और फ्रेजर ऐंड नीव समूह का संयुक्त उपक्रम है। एपीबी के पास  अंतरराष्ट्रीय बाजार में 40 बीयर ब्रांड और संस्करण हैं। कंपनी भारत में अपनी पैठ बनाने के लिए रिटेल बाजार का ही रास्ता अपनाएगी । दरअसल भारतीय बाजार में घुसपैठ करने के लिए रिटेल का रास्ता विदेशी कंपनियों को सबसे आसान लगता है। भारत में एपीबी की सहायक कंपनी के विपणन प्रबंधक चेतन गुप्ता ने बताया कि कंपनी इसके लिए पहले ही रिलायंस के साथ समझौता कर चुकी है।
कंपनी अपनी भारतीय ब्रांडों का निर्यात करने के बारे में भी सोच रही है। वोंग ने बताया कि नियमों के मुताबिक हम भारत से निर्यात नहीं कर सकते , पर हमें वहां बहुत संभावनाएं नजर आ रही हैं। हालांकि कंपनी भारत में अपनी कौन कौन सी ब्रांड उतारती हैं, यह भी कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस बात पर विचार कर रही है कि वह कैनन 1000 और आरलेम में से किस ब्रांड को भारतीय बाजार में उतारेगी। पर इससे एक बात तो तय है कि पीने वालों को कुछ तो वैरायटी मिलेगी। 
   

Advertisement
First Published - February 28, 2008 | 6:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement