facebookmetapixel
Advertisement
बढ़ती चीनी कीमतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 15 अक्टूबर से पेराई सत्र को दी मंजूरी, कम होंगे दाम?बाजार में आज जमकर हुई बिकवाली! गुरुवार के लिए कैसे हैं संकेत? एक्सपर्ट ने दी ये सलाहम्युचुअल फंड में ज्यादा रिटर्न के पीछे भागना पड़ सकता है भारी, राधिका गुप्ता ने समझाया जोखिमआज लॉन्च होगी iPhone 18 Pro सीरीज व पहला फोल्डेबल आईफोन, जानें संभावित कीमत और कहां देख सकते इवेंटरेलवे इन 5 राज्यों में खर्च करेगा ₹10,783 करोड़, कैबिनेट से 3 बड़े प्रोजेक्ट मंजूरPF का पैसा नहीं कटा? सरकार का नया अभियान देगा राहत, जानें किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ और क्या हैं शर्तेंकम उतार-चढ़ाव वाले शेयरों में पैसे लगाएगा एक्सिस का नया फंड, 9 सितंबर से NFO खुलाभारत की मेजबानी में नई दिल्ली में जुटेगा ब्रिक्स कुनबा, सम्मेलन के बारे में सब कुछ आसान भाषा में समझिएस्टील एक्सचेंज इंडिया ने लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए एनएमडीसी से किया समझौताEV की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, अगस्त में ई-कारों की बिक्री 52% और दोपहिया की 67% बढ़ी

Turmeric Price Rise: रसोई पर फिर पड़ी महंगाई की मार, टमाटर के बाद हल्दी के भाव आसमान पर

Advertisement

शुक्रवार को कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर हल्दी की हाजिर कीमतें 12,904 रुपये प्रति क्विटल बोली गईं

Last Updated- July 31, 2023 | 2:42 PM IST
Turmeric price hike

बीते दिनों टमाटर की आसमान छूती कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ा था, अबप इस बार हल्दी के दाम आसमान छूने को तैयार हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान हल्दी के भाव में करीब दोगुने का इजाफा हुआ है।  व्यापारियों की मानें तो अप्रैल-मई महीना कटाई का महीना है और इस दौरान बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन पर खराब असर पड़ा है। साथ ही मानसून के देर से आने के कारण बुआई में देरी के कारण कीमतों में तेज वृद्धि हुई है।

कितने बढ़े दाम

हल्दी के दामों की बात करें तो महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में मंडी में मौजूदा कीमतें लगभग 14,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जो अप्रैल मे 7000 रुपये प्रति क्विटल थीं।  शुक्रवार को कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर हल्दी की हाजिर कीमतें 12,904 रुपये प्रति क्विटल बोली गईं, जबकि 20 दिसंबर, 2023 डिलीवरी के लिए वायदा कीमतें बढ़कर 16,082 रुपयें प्रति टन हो गईं।

ये भी पढ़ें- नकली बीज-कीटनाशकों पर नकेल कसने की तैयारी, महाराष्ट्र सरकार लाएगी बिल https://hindi.business-standard.com/commodities/maharashtra-government-will-bring-a-bill-to-crack-down-on-spurious-seeds-and-pesticides

सूत्रों की मानें तो व्यापारियों के साथ-साथ किसान भी भविष्य में ऊंची कीमतों की उम्मीद में कुछ स्टॉक अपने पास रखे हुए हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग 10-15% कम उत्पादन होगा। भारतीय मसाला बोर्ड ने फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में हल्दी उत्पादन 1.16 मिलियन टन (एमटी) होने का अनुमान लगाया है, जो 2021-2022 में 1.22 मीट्रिक टन से 5% की गिरावट दर्ज करता है। बोर्ड ने चालू वर्ष में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्दी के बुवाई क्षेत्र में 10- 20% की गिरावट का अनुमान लगाया है।

ये भी पढ़ें- फल-सब्जियों में केमिकल के ज्यादा इस्तेमाल पर सख्ती, FSSAI ने कड़ी निगरानी रखने को कहा https://hindi.business-standard.com/commodities/fssai-strictly-asked-to-keep-a-strict-vigil-on-excessive-use-of-chemical-in-fruits-and-vegetables

Advertisement
First Published - July 30, 2023 | 1:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement