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चीन से आयात होने वाले धागे फ्लैक्स यार्न पर लगे डंपिंग-रोधी शुल्क की समीक्षा जांच शुरू

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भाषा
Last Updated- April 07, 2023 | 5:47 PM IST

सरकार ने चीन से आयात किए जाने वाले धागे फ्लैक्स यार्न पर डंपिंग-रोधी शुल्क जारी रखने की जरूरत को लेकर जांच शुरू कर दी है।

वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सिंटेक्स इंडस्ट्रीज से मिले आवेदन पर कार्रवाई करते हुए चीन से आयात किए जा रहे फ्लैक्स यार्न पर लगाए गए डंपिंग-रोधी शुल्क की समीक्षा का काम शुरू किया है।

फ्लैक्स यार्न का इस्तेमाल फ्लैक्स कपड़ा बनाने में किया जाता है जिससे परिधान और घरेलू कपड़े बनाए जाते हैं। चीन से 70 ‘ली काउंट’ से नीचे वाले फ्लैक्स यार्न के आयात पर डंपिंग-रोधी शुल्क लगाया गया था। इस शुल्क की निर्धारित अवधि 17 अक्टूबर, 2023 को खत्म होने वाली है।

‘ली काउंट’ किसी धागे की लंबाई को मापने वाली इकाई है। आम तौर पर ऊन के लिए 80 गज, सूती धागे एवं रेशम के लिए 120 गज और लिनेन के लिए 300 गज होती है।

DGTR ने एक अधिसूचना में कहा कि चीन से फ्लैक्स यार्न के आयात पर डंपिंग-रोधी शुल्क लगाए जाने के बावजूद प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य हैं कि चीन इस धागे को भारत में बेहद सस्ती दरों पर खपाने की कोशिश कर रहा है।

महानिदेशालय ने कहा, ‘घरेलू उद्योग की तरफ से पेश किए गए प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर इस शुल्क आरोपण की अवधि खत्म होने के पहले होने वाली समीक्षा जांच शुरू की जा रही है।’ इस जांच से यह तय होगा कि चीन से फ्लैक्स यार्न के आयात पर डंपिंग-रोधी शुल्क लगाए रखने की जरूरत है या नहीं। डंपिंग-रोधी शुल्क लगाकर घरेलू उद्योगों को सस्ते आयात से संरक्षण देने की कोशिश की जाती है।

First Published : April 7, 2023 | 5:47 PM IST