facebookmetapixel
Advertisement
मानसून की धीमी चाल, दलहन फसलों का रकबा 30% घटाTata Value Fund Review: ₹10,000 की मंथली SIP, 22 साल का धैर्य और ₹1.78 करोड़ का फंड! देखें कहां लगा है पैसा?अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर: मई में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.1% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त तेजीDelhi EV Policy 2.0 1 जुलाई से होगी लागू, EV खरीदने पर ₹50,000 तक मिलेगी सब्सिडी; जानें पूरा प्लानPhysical Gold Vs Digital Gold: कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद? समझ लें नफा-नुकसानPFC-REC मर्जर को मंजूरी! शेयरधारकों के लिए क्या है इसके मायने; स्टॉक 2.3% तक टूटेBajaj Auto Share Buyback: 1 जुलाई से शुरू होगा ₹5,632 करोड़ का बायबैक, निवेशकों की खुलेगी किस्मतExplainer: अब टैक्स ऑफिस जाने का झंझट खत्म! टैक्स नोटिस आने पर घर बैठे ‘e-Proceedings’ के जरिए दें जवाबJio BlackRock का पहला SIF लॉन्च, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी पर लगाया दांव; क्या आपको करना चाहिए निवेश?Turtlemint IPO Listing: पहले ही दिन लगा झटका! 11% डिस्काउंट पर हुई एंट्री, अब निवेशक बेचें या करें होल्ड?

रिफाइंड सूरजमुखी व सोया तेल पर घटा आयात शुल्क, कीमतों पर नहीं होगा खास असर

Advertisement

केंद्र सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिफाइंड सूरजमुखी और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क घटाने का निर्णय लिया है।

Last Updated- June 15, 2023 | 3:01 PM IST
Edible oil

केंद्र सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिफाइंड सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के आयात पर लगने वाले आयात शुल्क में कटौती की है। सरकार ने यह फैसला इन तेलों के दाम घटाने के उद्देश्य से लिया है। लेकिन बाजार जानकारों के मुताबिक आयात शुल्क घटने से इनकी कीमतों पर खास फर्क नहीं पडने वाला है।

आयात शुल्क घटकर 12.5 फीसदी हुआ

केंद्र सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिफाइंड सूरजमुखी और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क घटाने का निर्णय लिया है। अब रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर 17.5 फीसदी की जगह 12.5 फीसदी ही आयात शुल्क लगेगा। इसी तरह रिफाइंड सोयाबीन तेल पर 17.5 फीसदी लगने वाले आयात शुल्क को घटाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया है। आयात शुल्क में यह कटौती 15 जून से प्रभावी होगी।

आयात शुल्क घटने से कीमतों पर नहीं होगा खास असर

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया रिफाइंड सूरजमुखी व सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क घटने का इनकी कीमतों में कुछ समय के लिए मानसिक प्रभाव संभव है, लेकिन कीमतों में खास गिरावट की संभावना नहीं है। कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात कर इसे रिफाइंड बनाना सीधे रिफाइंड सूरजमुखी तेल आयात से करीब 4 रुपये किलो सस्ता है। ऐसे में आयात शुल्क घटने से इस तेल की क़ीमतों पर फर्क नहीं पड़ने वाला है।

कच्चे सोया तेल आयात कर इसे रिफाइंड तेल बनाने से सीधे रिफाइंड सोया तेल आयात करना सस्ता है। ऐसे इसके दाम कुछ सकते हैं। लेकिन इस साल सोयाबीन की घरेलू उपलब्धता अधिक होने से सोयाबीन तेल पहले से ही सस्ता है। लिहाजा इस आयात शुल्क कटौती का रिफाइंड सोया तेल पर भी बहुत ज्यादा असर नहीं होने की संभावना है। बीते कुछ महीनों से रिफाइंड सूरजमुखी व सोयाबीन तेल का आयात भी नहीं हो रहा है।

टीआरक्यू कोटा के तहत इन दोनों के कच्चे तेलों का आयात पहले से आयात शुल्क मुक्त है। हालांकि अभी यह राहत 30 जून तक ही है। सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (COOIT) के चेयरमैन सुरेश नागपाल ने बताया कि इस कटौती के बाद रिफाइंड सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के आयात पर प्रभावी आयात शुल्क 13.75 फीसदी रहेगा, जबकि इन दोनों के कच्चे तेल के आयात पर प्रभावी आयात शुल्क 5.5 फीसदी रहेगा। इस तरह देखा जाए तो इन दोनों तेलों का रिफाइंड तेल कच्चे तेल की तुलना में आयात करना 7.5 फीसदी महंगा है। इसलिए इस शुल्क कटौती का रिफाइंड सूरजमुखी व सोयाबीन तेल की कीमतों में पर खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।

नागपाल कहते हैं कि अगर रिफाइंड तेलों का आयात बढ़ता है तो घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को जरूर दिक्कत हो सकती है। इस समय रिफाइंड सूरजमुखी तेल के थोक भाव 92 से 93 रुपये किलो और रिफाइंड सोयाबीन के भाव 90 से 92 रुपये किलो चल रहे हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक देश भर में रिफाइंड सोयाबीन तेल की औसत खुदरा कीमत 131.85 रुपये और रिफाइंड सूरजमुखी तेल की औसत खुदरा कीमत 136.29 रुपये किलो है।

Advertisement
First Published - June 15, 2023 | 3:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement