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अंडे, चिकन हो गया सस्ता, जानें कैसे…

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वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में अप्रैल- नवंबर के दौरान मात्रा के हिसाब से अंडे के निर्यात में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में करीब 16% गिरावट आई है।

Last Updated- February 16, 2025 | 11:21 PM IST
Egg Prices Hike
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत के कुछ इलाकों में फरवरी महीने में अंडे व चिकन की कीमत में करीब 7 से 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इसकी कई वजहें हैं, जिनमें बर्ड फ्लू का खतरा भी शामिल है। देश के पश्चिमी और दक्षिणी इलाकों में बर्ड फ्लू के खतरों के कारण चिकन की कीमत गिरी है। वहीं स्थिर मांग के कारण अंडे के दाम करीब 5 से 7 प्रतिशत कम हुए हैं, जिसकी आपूर्ति इस साल 10 से 12 प्रतिशत बढ़ी है। बाजार में अंडों की अधिक आपूर्ति की एक वजह निर्यात मांग में कमी भी है। ओमान जैसे कुछ देशों में अंडे की मांग घटी है। इन देशों में केवल निश्चित वजन और आकार के अंडों के आयात की अनुमति दी गई।

सूत्रों ने बताया कि अंडे के उत्पादन के लिए पाली जाने वाली मुर्गियों (लेयर बर्ड्स) की संख्या 2024 में करीब 10 से 12 प्रतिशत बढ़ी है, जो करीब 30 से 31 करोड़ थीं। ये मुर्गियां 18 से 19 सप्ताह से अंडे देना शुरू करती हैं और 72 से 73 सप्ताह की होने तक अंडे देती हैं। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में अप्रैल से नवंबर के दौरान मात्रा के हिसाब से अंडे के निर्यात में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में करीब 16 प्रतिशत गिरावट आई है, जबकि मूल्य के हिसाब से गिरावट 2 प्रतिशत से कम रही है।
इन अंडों में खोल सहित पक्षियों के अंडे, ताजे, संरक्षित या पकाए हुए अंडे शामिल हैं।

पॉल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव रिकी थापर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा, ‘पॉल्ट्री उद्योग एक उभरता उद्योग है, जिसमें ग्रामीण इलाकों में व्यापक रोजगार का सृजन होता है। बर्ड फ्लू की अफवाहों से अस्थायी रूप से मांग और खपत प्रभावित हुई है, लेकिन यह कुछ दिन में सामान्य हो जाएगी। अंडे व चिकन, जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन के बेहतरीन और सस्ते स्रोत हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं और इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।’

व्यापार से जुड़े कुछ अधिकारियों ने कहा कि तापमान बढ़ने से भी मांग पर असर पड़ा है। ताजा पशुधन सर्वे के मुताबिक भारत में अंडे का सालाना उत्पादन 2022-23 के 138.38 अरब से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 142.77 अरब हो गया है। देश में प्रति व्यक्ति अंडे की सालाना खपत 103 अंडों की है, जबकि चिकन की खपत 7.4 किलो है। यह वैश्विक औसत की तुलना में बहुत कम है।

भारत में पिछले कुछ महीनों में बर्ड फ्लू के कई मामले सामने आए हैं और इससे सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश रहे हैं। महाराष्ट्र में 1 जनवरी से अब तक 7 प्रभावित इलाकों में 7,200 पॉल्ट्री बर्ड्स को मारा गया है और 2,300 अंडों को नष्ट किया गया है। आंध्र प्रदेश भी ऐसा करने पर विचार कर रहा है। वैश्विक स्थिति देखें तो बार बार बर्ड फ्लू से अमेरिका बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है।

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First Published - February 16, 2025 | 10:38 PM IST

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