facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

धनतेरस पर सोने की बंपर सेल की उम्मीद! 1 साल में ₹50,000 चढ़ा, अब ₹1.5 लाख की ओर

Advertisement

त्योहारी जोश में खरीदारों का उत्साह बरकरार, कोलिन शाह बोले- ऊंचे दामों के बावजूद 20% तक बढ़ सकती है बिक्री।

Last Updated- October 18, 2025 | 8:46 AM IST
Gold and Silver Price today

धनतेरस और दीपावली के मौके पर इस साल भी सोने की चमक बरकरार है। भले ही कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हों, लेकिन उपभोक्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। कामा ज्वेलरी के एमडी कोलिन शाह का कहना है कि ‘सोने के दाम ऊंचे होने के बावजूद त्योहारों में खरीदारी का रुझान मजबूत रहेगा। बढ़ी हुई आमदनी और पारंपरिक लगाव के कारण बिक्री में लगभग 18 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है।’ उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की पसंद अब 9 कैरेट से 18 कैरेट के हल्के जेवरो की ओर बढ़ रही है।

क्या सोने ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड?

वेंचुरा के हेड ऑफ कमोडिटीज एंड सीआरएम एन. एस. रामास्वामी के मुताबिक, पिछले एक साल में सोने ने ऐतिहासिक तेजी दिखाई है। मार्च 2025 में सोना $3000 प्रति औंस के स्तर पर था और अब यह $4254 प्रति औंस या ₹1,28,200 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। पिछले धनतेरस (29 अक्टूबर 2024) को यह ₹78,840 प्रति 10 ग्राम था। इस तरह एक साल में सोने ने 63% का रिटर्न रुपये में और 53% का रिटर्न डॉलर में दिया है। रामास्वामी कहते हैं, “सोना अब विस्फोटक मोड में है। हर स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और निवेशकों में FOMO की भावना बढ़ रही है।”

आखिर क्यों बढ़ रही है सोने की चमक?

अमेरिका की अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने सोने को नई मजबूती दी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में संकेत दिया कि रोजगार और महंगाई से जुड़े जोखिमों को देखते हुए आगे दरों में कमी की जा सकती है। इससे डॉलर कमजोर हुआ और गोल्ड की मांग बढ़ गई।

साथ ही, अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव ने निवेशकों को सोने की ओर मोड़ दिया है। चीन ने दुर्लभ धातुओं और मैग्नेट के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगा दिए हैं। इसके चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में गोल्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों की ओर से लगातार गोल्ड खरीद और ETF में बढ़ते निवेश ने भी कीमतों में उछाल लाने में अहम भूमिका निभाई है। अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज $37 ट्रिलियन तक पहुंच गया है, जिससे वहां आर्थिक दबाव बढ़ा है और निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या त्योहारी मौसम में और बढ़ेगी मांग?

भारत में त्योहारों के दौरान सोने की बिक्री हमेशा तेज रहती है। पिछले साल धनतेरस पर करीब 25 से 30 टन सोने की बिक्री हुई थी। हालांकि ऊंचे दामों के चलते मात्रा में कुछ गिरावट आई, लेकिन कुल बिक्री मूल्य में 12 से 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

लोग अब भारी जेवरों की जगह डिजाइनदार हल्के गहनों और छोटे सोने के सिक्कों की खरीदारी कर रहे हैं। ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ताओं की खरीदारी की भावना मजबूत है, क्योंकि सोना आज भी भारतीय त्योहारों की खुशियों का अहम हिस्सा है।

आगे क्या होगी सोने की दिशा?

रामास्वामी का मानना है कि आने वाले महीनों में भी सोने की तेजी जारी रह सकती है। फिलहाल ₹1,21,000 प्रति 10 ग्राम या $4000 प्रति औंस पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर ₹1,30,000 से ₹1,35,000 तक का रेजिस्टेंस बनता दिख रहा है। अगर सोना ₹1,20,000 या $3980 से नीचे नहीं गया, तो अगले साल यानी 2026 तक यह ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम या $5000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है।

Advertisement
First Published - October 18, 2025 | 8:39 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement