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Gold-Silver Price: सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, सर्राफा व्यापारियों को सताने लगी कारोबार ठप होने की आशंका

पहली बार एमसीएक्स (MCX) पर सोने का भाव 1 लाख 58 हजार रुपये के लेवल को पार कर गया है। वहीं चांदी 3 लाख 25 हजार प्रति किलों के भाव को पार कर गई

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सुशील मिश्र   
Last Updated- January 21, 2026 | 9:16 PM IST

Gold-Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल और दुनिया भर में बढ़ते तनाव की वजह से सोने की चमक अब आम आदमी की पहुंच से दूर होती दिख रही है। सोना-चांदी के भाव में रिकॉर्डतोड़ वृद्धि ने सबको चौंका दिया है। ग्राहक और सर्राफा कारोबारी दोनों हैरान है। सर्राफा बाजार में कारोबारी संगठनों की चेतावनी ज्वैलरी उद्योग को आशंकाओं के घेरे में जकड़ती जा रही है। खासकर चांदी में मंदी की आशंका के चलते सर्राफा कारोबारी चांदी की खरीदी और बिक्री से हाथ खींच रहे हैं।

रिकॉर्ड तेजी का दौर

पहली बार एमसीएक्स (MCX) पर सोने का भाव 1 लाख 58 हजार रुपये के लेवल को पार कर गया है। वहीं चांदी 3 लाख 25 हजार प्रति किलों के भाव को पार कर गई। चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल ने निवेशकों के बीच हलचल मचा दी। मुंबई हाजिर बाजार में बुधवार को सोना 1,54,227 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी 3,19,097 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। मौजूदा हालात में अब बाजार में चांदी मिलना मुश्किल हो रही है। बड़े कारोबारियों ने भी चांदी की खरीदी बिक्री से हाथ खींच लिए हैं।

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सर्राफा व्यापारियों की बढ़ रही टेंशन

सोना चांदी जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं उसके बाद आम जनता की पहुंच से यह काफी दूर जा रहे हैं। बढ़ती महंगाई के बीच कई लोगों ने सोना चांदी खरीदने का प्लान भी बदल दिया है। इसलिए सर्राफा व्यापारियों को इस बात का टेंशन सता रहा है कि शादियों के सीजन में अब पहले की अपेक्षा कम खरीदारी हो सकती है। बढ़ती कीमतों के कारण कई शहरों में चांदी के व्यापार को लेकर विवाद हो रहे हैं, जो व्यापारी बड़े व्यापारियों से माल खरीद कर बेचने के लिए ले जा रहा है, बढ़ती कीमत के कारण उसे खरीदी की रकम चुकाना मुश्किल हो रहा है।

सर्राफा कारोबारी संगठनों ने ज्वैलर्स को जारी की चेतावनी

सर्राफा कारोबारी संगठनों की तरफ से जारी चेतवानी में कहा गया है कि वर्तमान में ज्वेलरी सेक्टर इतिहास की सबसे बडी त्रासदी वाले दौर से गुजर रहा है। ये बड़ा मुश्किलों भरा दौर है। यदि हम ईमानदारी से सोच कर संभल के चले, बिना किसी लालच के शांति से कारोबार करे, जितना बिके उतना खरीदे और किसी तरह पैसा खड़ा न करे। विशेष कर आम ग्राहकी करने वाले रिटेलर उधारी का ख्याल रखें, ऑर्डर बुक करें, हेजिंग करें मगर सट्टा करने की सपने में भी न सोचे, व्यापारी कतई न सोचे की आज उधार का माल बेच दो उनके पैसे धीरे धीरे चुका देंगे अथवा भाव बाद में कटवा देंगे। ये कदम व्यापार का खातमा करवा सकता है।

लालच से बचने की सलाह

कारोबारियों को सावधान करते हुए कहा जा रहा है कि देश का बाजार खतरनाक दौर में है। हर तरफ अविश्वास है मगर सभी का व्यापार सुचारु चले, इसलिये उधार माल का विक्रय भी खत्म नहीं हो सकता, मगर उधार माल भी सोच समझ कर ले और दे, एक दूसरे का हाथ पकड़ कर हम इस खतरे का सामना कर सकते है, जुबान की वैल्यू और व्यापारिक नैतिकता में विश्वास रखने वाले व्यापारी इस दौर से निकलने में कामयाब होंगे और लालच अथवा उधार माल हड़पने वाले, सट्टे में भविष्य देखने वाले अपने व्यापार को ही चौपट कर अपने पुरे परिवार को संकट में डाल देंगे, अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेरोजगारी का संकट पैदा कर देंगे।

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खर्च में कटौती की सलाह

सर्राफा कारोबारियों को अपने खर्च में कटौती की सलाह दी जा रही है। अपने व्यवसाय के गैर जरुरी खर्च को कम करें, हो सके तो एक दो कर्मचारी कम करें। ग्राहकों के साथ पारिवारिक रिश्ते कायम रखे, उनसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप पर जुड़कर रहे, नई नई इनामी स्कीम बनाये। व्यापार मे मंदी अथवा असमान परिस्थिति का समय अस्थायी होता है, इसलिए धैर्य रखें और अपने व्यवसाय को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहें।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के कुमार जैन कहते हैं कि थोड़ा सा कम हो तो ले लूंगा, पैसे ले लो भाव बाद मे कर लेंगे, ये शब्द व्यापार को भारी नुकसान दे रहे है जितना बेचो ले लो, स्टॉक को मेंटेन रखो। अपनी ज्वेलरी की गुणवत्ता में सुधार करें। इस अनुकूलन माहौल और बदलते समय के साथ तालमेल बिठाएं हम सभी अवश्य अपने जमे जमाये व्यापार को बचाने में कामयाब होंगे।

सोना-चांदी महंगा होने की वजह

सोने चांदी की कीमतों में आ रही तेजी के पीछे अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच में बढ़ते ट्रेड वॉर का खतरा, मजबूत डिमांड और रुपया की कमजोरी है। अमेरिका ने जब से ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का ऐलान किया है तब से ही भू राजनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। जिसके कारण निवेशक सेफ असेट्स जैसे सोना चांदी ज्यादा खरीद रहे हैं। डिमांड में आई तेजी के कारण कीमतों में भी वृद्धि हो रही है।

First Published : January 21, 2026 | 9:13 PM IST